श्रीश्री रविशंकर व डॉ. रामविलास वेदांती
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भाजपा के पूर्व सांसद और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती ने अयोध्या विवाद के समाधान के लिए सक्रिय श्रीश्री रविशंकर पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रविशंकर ढकोसला कर रहे हैं। वे मंदिर के साथ मस्जिद बनवाना चाहते हैं जबकि संतों और हिंदुओं को यह स्वीकार नहीं।
उनका प्रयास समाधान के लिए नहीं बल्कि अपने एनजीओ को विदेशों से पैसा दिलाने के लिए है। वह जिन लोगों से बात कर रहे हैं उनमें ज्यादातर का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। विवाद का समाधान इस मामले में संघर्ष कर रहे संतों-महात्माओं से बात करने से होगा। डॉ. वेदांती ‘अमर उजाला’ के सवालों का जवाब दे रहे थे।
सवाल- आप श्रीश्री रविशंकर का विरोध क्यों कर रहे हैं?
जवाब- श्री श्री हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि अयोध्या में एक और मस्जिद बनवाकर उदारवादी चेहरे के साथ अपनी छवि को विदेशों में कैश कराया जाए। मुस्लिम देशों सहित अन्य देशों से अपने एनजीओ के लिए धन उगाही की जाए। उनकी गतिविधियों से उन लोगों को पीड़ा हो रही है जिन्होंने मंदिर आंदोलन के दौरान लाठी-गोली खाई। रविशंकर जिस तरह मंदिर के साथ मस्जिद बनवाने की साजिश में सक्रिय हैं, ऐसे आदमी का विरोध न करें तो क्या स्वागत करें।
सवाल- पर, भाजपा के लोग भी कह रहे हैं कि समझौते का रास्ता सबसे ठीक है?
जवाब- मैं कहां कह रहा हूं कि समझौते का रास्ता गलत है। पर, सवाल यह है कि अब समझौता किस बात का होगा। न्यायालय ने संबंधित स्थल पर मंदिर मान लिया है। विवाद अब जमीन के बंटवारे का है। हमारे लिए यह जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि आस्था का स्थल है। आस्था का बंटवारा नहीं हो सकता। रविशंकर की कोशिशें सिर्फ सियासी और स्वार्थ के तहत लग रही हैं।