बता दें कि आईटी एक्ट-2000 के तहत डिजिलॉकर या एम परिवहन एप पर उपलब्ध दस्तावेजों की ई-कॉपी को वैध मानने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों एप लॉन्च किए थे।
उस वक्त यह अधिसूचना जारी की गई थी कि अगर प्रवर्तन कार्य के दौरान किसी भी अभियोग के अधिरोपित होने की स्थिति में वाहन के दस्तावेज का जब्त करना जरूरी हो तो दस्तावेज को ई-चालान के जरिये जब्त किया जाए। इससे जब्त दस्तावेज की स्थिति वाहन डाटाबेस पर प्रदर्शित हो सकेगी।
डिजिलॉकर क्लाउड स्टोरेज पर आधारित एक वर्चुअल लॉकर है। एक बार इस लॉकर में अपने दस्तावेज अपलोड करने के बाद उसकी मूल प्रति यानी हार्ड कॉपी को साथ रखने की जरूरत नहीं होती है। संबंधित अधिकारी के मांगने पर आप इसे दिखा सकते हैं।
इतना ही नहीं, इस एप के माध्यम से कहीं भी और कभी भी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इस लॉकर में शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में रखे जा सकते हैं।