अधिनियम के प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार, बोर्ड में 20-25 सदस्य होंगे। विभिन्न विभागों से संबंधित प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव इसके सदस्य होंगे। बोर्ड का सदस्य सचिव भी प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी होगा।
आईएएस अधिकारियों के अलावा निवेश एवं उद्योग के क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इसमें बतौर सदस्य शामिल किए जाएंगे। राज्य मुख्यालय स्तर पर बोर्ड का नवगठित ढांचा काम करेगा। उसके नीचे जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) रहेंगे। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाए जा रहे विधानमंडल के विशेष सत्र में अधिनियम का ड्राफ्ट रखे जाने की योजना है।
निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने निवेश बोर्ड के गठन के लिए एक्ट बनाने का फैसला किया है। इसके लिए नियमानुसार कैबिनेट से ड्राफ्ट की मंजूरी के बाद सदन में बिल लाया जाएगा।