फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक: डॉक्टरों ने बिना सहमति के ही काट दिया पैर

Thu, 20 Aug 2015 04:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज के हर्षा अस्पताल में बीते सात मई को डॉक्टरों ने सीतापुर सिधौली के रामेश्वर (50) का पैर बिना परिवारीजनों की अनुमति के ही काट दिया।
विज्ञापन


वहीं अस्पताल ने ऑपरेशन और इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये भी वसूल लिए। दो महीने पहले सीएमओ से डॉक्टरों की लिखित शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।

परिवार ने जनसूचना अधिकार के तहत हर्षा अस्पताल पर कार्रवाई की जानकारी मांगी तो सीएमओ की नींद टूटी और बुधवार को एक टीम आनन-फानन में अस्पताल पहुंच गई।
विज्ञापन

डॉक्टरों के अपने अलग तर्क

मरीज की पत्नी मायावती का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना सहमति के रामेश्वर का पैर काट दिया।

इस मामले में एसीएमओ डॉ. राजेंद्र चौधरी का कहना है कि हर्षा अस्पताल के खिलाफ मरीज का पैर बिना परिवारीजनों की अनुमति के काटने और 50 हजार रुपये वसूलने की शिकायत मिली थी। जांच के लिए टीम अस्पताल पहुंची थी।

आरोपी संचालक की सफाई
हर्षा अस्पताल के संचालक डॉ. एसएएस सिद्दीकी का कहना है कि  गैंगरीन की शिकायत के बाद मरीज की पत्नी ने पैर काटने की अनुमति दी थी।

50 हजार रुपये इलाज, दवा खर्च और 12 दिन का भर्ती शुल्क लिया गया था। मरीज के सभी आरोप गलत हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें