राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज के हर्षा अस्पताल में बीते सात मई को डॉक्टरों ने सीतापुर सिधौली के रामेश्वर (50) का पैर बिना परिवारीजनों की अनुमति के ही काट दिया।
वहीं अस्पताल ने ऑपरेशन और इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये भी वसूल लिए। दो महीने पहले सीएमओ से डॉक्टरों की लिखित शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
परिवार ने जनसूचना अधिकार के तहत हर्षा अस्पताल पर कार्रवाई की जानकारी मांगी तो सीएमओ की नींद टूटी और बुधवार को एक टीम आनन-फानन में अस्पताल पहुंच गई।