लखनऊ। पीजीआई के तेलीबाग स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर महिला ने बिना इलाज करे रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने डिप्टी सीएम, सीएमओ से लिखित शिकायत की है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
बाराबंकी फतेहपुर निवासी पुलिस विभाग में कार्यरत सिपाही प्रवेश की पत्नी आशा का सिजेरियन प्रसव हुआ था। महिला अलीगंज सेक्टर एम स्थित गेटवेल अस्पताल की डाॅ. अर्चना मिश्रा से इलाज करा रही थी। डाॅ. अर्चना मिश्रा ने 3 मार्च को पीड़िता को तेलीबाग के जावित्री अस्पताल की डाॅ. राजुल त्यागी पास रेफर किया था। पीड़िता ने 11 मार्च को ओपीडी में दिखाया। डाॅक्टर ने बताया कि हिस्टोस्कोपी से ही इलाज संभव है। महिला को 25 मार्च को भर्ती कर इलाज किया गया। इलाज के लिए 30 हजार रुपये वसूले गए।
महिला इलाज की सभी जांच रिपोर्ट लेकर 14 मई को डाॅ. अर्चना मिश्रा के पास पहुंची तो उन्होंने बताया कि बीमारी पहले की तरह है। उसमें किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में वह 22 मई को तेलीबाग की डाॅक्टर से मिलने गई तो उन्होंने कहा कि मुझे जो करना था, मैंने कर दिया। महिला ने डॉक्टर पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। पीड़िता ने डाॅक्टर की शिकायत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सीएमओ डाॅ. एनबी सिंह से की है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि शिकायती पत्र मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी।