गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कुकरैल पुल का काम देखा
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लखनऊ से कानपुर के बीच की दूरी कम करने के लिए बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का रूट (एलाइनमेंट) फाइनल कर लिया गया है। यह एक्सप्रेस-वे 65 किमी का होगा।
इससे अब 40 मिनट में लखनऊ से कानपुर पहुंचा जा सकेगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इसकी डीपीआर बनाने का काम शुरू करेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री व सांसद राजनाथ सिंह ने खुद सोमवार को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस- वे पर अधिकारियों से अपडेट लिया। सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि पिछले दिनों वाराणसी में हुई बैठक में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के रूट पर सहमति बन गई।
अब एनएचएआई इसकी डीपीआर बनवाएगा, जिसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को वित्तीय अनुमति के लिए भेजा जाएगा। एनएचएआई को ही यह एक्सप्रेस-वे बनवाना है।
दिसंबर तक होगा शिलान्यास
कुकरैल पुल
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एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 2019 के चुनाव से पहले हो सकता है। इसके लिए योजना बनाकर एनएचएआई काम करेगा। दिसंबर से पहले ही एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास होने की उम्मीद है।
दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि अभी लखनऊ से कानपुर के बीच दूरी करीब 94 किमी है। यह दूरी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बन जाने से 65 किमी ही रह जाएगी।
अभी लखनऊ से कानपुर जाने में दो से तीन घंटे लग जाते हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे बनने के बाद 40 मिनट में यात्रा पूरी की जा सकेगी। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर कॉमर्शियल हब और सैटेलाइट सिटी बसाने की भी योजना भविष्य में रहेगी।
चकेरी से बिजनौर वाया ट्रांसगंगा सिटी
कुकरैल पुल
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पूर्व आईएएस अधिकारी दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि कानपुर में चकेरी हवाई अड्डे से यह एक्सप्रेस-वे शुरू होगा। यहां से ट्रांसगंगा सिटी को लिंक करते हुए यह उन्नाव के नजदीक से गुजरते हुए लखनऊ में आउटर रिंगरोड पर बिजनौर के पास लिंक करेगा।
पूरे एक्सप्रेस-वे में सिर्फ एप्रोच रोड होंगे। उन्नाव के पास यह एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है, लेकिन वहां से लिंक नहीं मिलेगा। यह पूरी तरह कंट्रोल्ड एक्सेस वाला एक्सप्रेस-वे है। इसका अधिकांश भाग एलीवेटिड ही रहेगा।