संभावित शुल्क : इसमें पंजीकरण, प्रवेश, परीक्षा और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल होगा।
वैकल्पिक शुल्क : बस किराया, बोर्डिंग, मेस, डाइनिंग, शैक्षणिक भ्रमण और अन्य मद। यह शुल्क तभी लिया जाएगा, जब छात्र इनका इस्तेमाल करेंगे।
7-8 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
अध्यादेश के अनुसार, निजी स्कूल वार्षिक फीस में 5 फीसदी से अधिक वृद्धि नहीं कर सकेंगे। अन्य मदों को भी मिला दें तो अधिकतम वृद्धि 7-8 फीसदी ही कर सकेंगे।
फीस स्ट्रक्चर अनिवार्य रूप से वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा। एडमिशन फीस सिर्फ एक बार ही लेंगे। फीस निर्धारण के लिए वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष माना जाएगा।