जल संस्थान शहरियों को दूषित पानी पिला रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान की टीम ने 11 इलाकों से सैंपल लिया लेकिन टेस्ट में से एक भी सैंपल पास नहीं हुआ।
पानी में क्लोरीन का तो नामोनिशान ही नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों की मानें तो शहर के 75 फीसदी इलाकों में जल संस्थान दूषित जल की आपूर्ति कर रहा है। बहरहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल संस्थान को क्लोरिनेशन कराने को कहा है।
सोमवार को जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह और संक्रामक रोग सेल के डॉ. देवाशीष गुप्ता की संयुक्त टीम किला चौराहा शारदानगर, शारदानगर बस स्टैंड, रजनीखंड शारदानगर, एमआईजी रजनीखंड, सेक्टर-एम एलडीए कॉलोनी, किला गांव मोहम्मदीनगर, खजाना मार्केट आशियाना, आशियाना एलडीए कॉलोनी, आजादनगर आलमबाग और चंदरनगर आलमबाग के अलग-अलग इलाकों से पानी का सैंपल लिया।
...तो जल संस्थान पानी में क्लोरीन डाल ही नहीं रहा लिए गए सभी सैंपल का ऑर्थो टॉल्विन (ओटी) टेस्ट कराया गया तो सभी नमूने फेल हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर बताते हैं कि एक दिन में पानी के ग्यारह सैंपल फेल होना बड़ी बात है।
पानी में क्लोरीन की मात्रा का होना जरूरी है। इसके नियम और निर्देश के बाद भी जल संस्थान पानी में क्लोरीन नहीं डाल रहा है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि इन इलाकों के पानी की जांच दोबारा कराई जाएगी। अगर सैंपल दोबारा फेल हुआ तो मामले की जानकारी शासन को दी जाएगी।
जल संस्थान पानी में क्लोरीन की मात्रा को जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग पर निर्भर रहता है। जल संस्थान के अधिकारी नियमित पानी का परीक्षण करें और लैब टेस्ट कराएं तो दूषित होने का पता चल सकता है।