लखनऊ में कॉमर्शियल रन को लेकर एलएमआरसी की तैयारियां जोरों पर हैं। अभी तक मेट्रो की प्रोटोटाइप ट्रेन ट्रायल में भले ही 90 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ी हो पर कॉमर्शियल रन में यह अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा से ही दौड़ेगी।
आरडीएसओ के टेस्टिंग निदेशालय ने अपनी ट्रायल रिपोर्ट में स्पीड सर्टिफिकेट के लिए 80 किमी प्रतिघंटा की स्पीड की संस्तुति की है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब आरडीएसओ के यूटीएचएस निदेशालय को फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट लखनऊ मेट्रो को देगा।
आरडीएसओ के एक अधिकारी ने बताया कि 90 किमी प्रतिघंटा से किए गए ट्रायल जरूर सफल रहे लेकिन, हमारी जिम्मेदारी असल में यात्रियों से भरी ट्रेन की सुरक्षा के लिए है। ऐसे में ट्रायल की अधिकतम स्पीड जोकि खुद आरडीएसओ ने ही तय की थी।
उसमें भी 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। ऐसे में अब ट्रायल रिपोर्ट की संस्तुति में लखनऊ मेट्रो के लिए 80 किमी प्रतिघंटा की स्पीड ही सही पाई गई है। यह स्पीड एयर सस्पेंशन के मौजूद रहने के समय होगी। वहीं एयर सस्पेंशन के किसी वजह से लीक होने पर ट्रेन की अधिकतम स्पीड घटेगी। इसे 50 किमी प्रतिघंटा तक रखा जा सकता है।