राजधानी लखनऊ में कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को भांपते हुए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब हर नए संक्रमित पर 55 अतिरिक्त लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग जांच के स्थल भी बढ़ा रहा है। इसका मकसद वायरस के प्रसार को रोकना है। अभी तक हर संक्रमित पर 15 से 20 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग होती थी।
राजधानी में कुछ दिनों से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। नए संक्रमितों में से ज्यादातर का यात्रा इतिहास है। संक्रमित मिलने से पहले एक सप्ताह के दौरान तो वे किसी यात्रा से लौटे थे या किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहे थे। इससे संक्रमण प्रसार का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब हर केस पर जांच का दायरा और बढ़ा रहा है।
रोजाना सैंपल की संख्या पांच हजार के करीब पहुंच चुकी थी, जिसे बढ़ाकर अब फिर से 15 हजार पहुंचाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के अनुसार, ज्यादा से ज्यादा जांच कर कोरोना प्रसार पर रोक लगाई जा सकती है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।