मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि संघ परिवार देश को संविधान के बजाय मनुस्मृति से चलाना चाहता है। उन्होंने यूपी में डबल इंजन की सरकार पर कटाक्ष किया। कहा कि दोनों इंजन विपरीत दिशा में चलने वाले हैं। इससे विकास थम गया और युवाओं को बेरोजगारी का भीषण दर्द मिला। दिग्विजय सिंह ने यह बातें सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर एक बुकलेट भी जारी की।
दिग्विजय ने कहा कि यूपी में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टी नेतृत्व बधाई का पात्र है। उन्होंने नोटबंदी को घोटाला बताया, कहा कि इससे जीडीपी में दो प्रतिशत की गिरावट आई। गुजरात में भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. यतींद्र ओझा ने पत्र लिखकर पीएम को बताया था कि गृहमंत्री अमित शाह के लोग एक करोड़ रुपये पुराने नोट लेकर 67.5 लाख रुपये के नए नोट दे रहे हैं। भाजपा और संघ परिवार देश के युवाओं की आंख पर पट्टियां बांधकर उन्हें भेड़-बकरियों की तरह बड़ा करना चाहते हैं। सवाल पूछने वाला युवा भाजपा और संघ परिवार के एजेंडे के लिए सबसे बड़ा खतरा है। देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई। शहरों में तो यह 10 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर गई। विश्व बैंक के मुताबिक, भारत में महिलाओं की श्रम शक्ति 26 से घटकर 15.5 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 46 प्रतिशत कम हो गई है। मोदी सरकार हजारों करोड़ के एजुकेशन सेस का इस्तेमाल नहीं कर पाई है। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में 3,20,000 शिक्षकों के पद खाली हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी व ग्रामीण अंचल के छात्र अलग-थलग हो गए हैं। इस सरकार की शिक्षा नीति छात्र विरोधी है।
भाजपा को बताया महिला विरोधी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा की मानसिकता ही महिला विरोधी है। योगी आदित्यनाथ सामाजिक समरसता के बजाय 80-20 की बात कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विवाह परंपरा का अपमान करते हुए कहा था कि विवाह एक सामाजिक अनुबंध है। इन लोगों को परिवार चलाने का कोई अनुभव नहीं है। प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पूर्व विधायक व कोषाध्यक्ष सतीश अजमानी, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन पंकज श्रीवास्तव, प्रिंट मीडिया संयोजक अशोक सिंह, डिजिटल मीडिया संयोजक अंशु अवस्थी मौजूद रहे।