हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। कहा, राममंदिर मामले में रोड़ा अटका रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है। हमें उम्मीद है कि रामजन्मभूमि का फैसला अब जल्द ही आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है वह राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाला है, अब वह दिन दूरी नहीं जब अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण शुरू होगा।
निर्मोही अखाड़ा की तरफ से अयोध्या मामले का मुकदमा लड़ रहे महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि रामलला पर विश्वास प्रबल हुआ है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सराहनीय है। राममंदिर निर्माण की बाधाएं अब दूर हो रही हैं। रामलला स्वयं चाहते हैं कि मंदिर निर्माण हो। अब अयोध्या में भव्य श्रीराममंदिर का निर्माण कोई नहीं रोक सकता। रामलला जल्द ही टेंट से आजाद होंगे।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। नमाज मस्जिद में पढ़ी जाए या बाहर नमाज तो नमाज ही है। कोर्ट अयोध्या मामले में जल्द फैसला दे यह सभी चाहते हैं। कोर्ट ने आज जो फैसला दिया है हमें कोई एतराज नहीं। कम से कम एक फैसला तो आया। कहा कि फैसला किसी के हक में आए दोनों पक्षों को मानना होगा।
बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार हाजी महबूब ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर कहा कि मस्जिद खुदा का घर है। हमें वहां पर नमाज पढ़ने का अधिकार है। इस मामले में बड़ी बेंच को सुनवाई करनी चाहिए थी, फिलहाल कोर्ट ने जो फैसला दिया उस पर कुछ नहीं कहना चाहते। इस निर्णय से अयोध्या मामले की सुनवाई में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।