तेज रफ्तार जिंदगी के लिए जो कीमत हमें चुकानी पड़ रही है, उसका खुलासा होने लगा है। राजधानी के 82.6 प्रतिशत नागरिक डायबिटीज के पीड़ित होने के मॉडरेट से हाईरिस्क जोन में आ चुके हैं।
इन नागरिकों में कमर के साइज को सामान्य से अधिक पाया जा रहा है, वहीं नियमित दिनचर्या में एक्सरसाइज भी नदारद है। लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की टीम द्वारा 800 से अधिक लोगों के बीच किए गए अध्ययन और जांच में ऐसे ही कई तथ्य सामने आए हैं।
अनियमित जीवन शैली, खाने-पीने से लेकर नींद लेने की गलत आदतें, व्यायाम की कमी, ये कुछ ऐसी वजह हैं, जो लखनऊवासियों को डायबिटीज की ओर धकेल रही हैं। इस अध्ययन को डॉ. अभिषेक अरुण, डॉ. जेपी श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. बीना सचान, डॉ. दया प्रकाश और जीशान जैदी की टीम द्वारा राजधानी के 820 नागरिकों की जांच कर अंजाम दिया गया।
लाइफ स्टाइल डिजीज है डायबिटीज
इस दौरान इंडियन डायबिटीज रिस्क स्कोर (आईडीआरएस) मानक का उपयोग किया गया। डायबिटीज आज प्रमुख बीमारियों में शुमार हो रही है। बीते दो दशकों में ये दुनिया भर में तेजी से बड़ी है।
इसे लाइफ स्टाइल डिजीज कहा जाता है क्योंकि यह जीवन शैली में आ रही बदलावों की वजह से हमें प्रभावित करती है। दुनिया भर में वर्ष 2030 तक 55 करोड़ नागरिक इसकी चपेट में आज चुके होंगे।
आकलन है कि आज भी करीब 18 करोड़ नागरिकों को डायबिटीज है, फिर भी उनकी कभी जांच ही नहीं हो सकी है। समय पर इसकी जांच हो जाए तो तत्काल बचाव के कदम उठाए जा सकते हैं।
वहीं, अगर शरीर में डायबिटीज होने की संभावना का पता चले तो नागरिक खुद भी जीवन शैली में बड़े बदलाव लाकर एक सेहतपूर्ण जीवन जी सकते हैं। इस अध्ययन के दौरान सामने आया कि 820 नागरिकों में से 113 डायबिटीज से प्रभावित हैं जो करीब 13.8 प्रतिशत है।
3 स्टेप में कम करें रिस्क
अगर आईडीआरएस पर आपका स्कोर 30 से अधिक आ भी रहा है तो बहुत चिंता की बात नहीं है। फिर भी जीवन शैली में सुधार लाकर हालात को बिगड़ने से बचाया जा सकता है, लेकिन स्कोर 60 से अधिक होने पर तत्काल बड़े स्तर पर जीवन शैली में बदलावों की जरूरत है।
1. एक्सरसाइज करें : हफ्ते में 3 से 4 दिन जॉगिंग, हल्की एक्सरसाइज व स्ट्रैचिंग को जीवन का हिस्सा बनाएं।
2. खान पान का ध्यान रखें : ज्यादा फाइबर वाला भोजन अपनी पसंद बनाएं और जंक व पैकेज्ड फूड को जितना हो सके बचें
3. तनाव से बचें : जीवन में तनाव कम करने की कोशिश करें, जो बातें नियंत्रण से बाहर हैं, उन्हें जबरदस्ती नियंत्रित करने की कोशिश में तनाव न लें।
अध्ययन में शामिल 820 में से 590 नागरिकों ने माना कि ना वे एक्सरसाइज करते हैं ना उनके जीवन में कठोर परिश्रम की गुंजाइश है।
व्यायाम न करना मुख्य वजह
वहीं मोटापे के लिहाज से लखनऊवासी कुछ बेहतर रहे, जहां 540 नागरिकों में पुरुषों की कमर का साइज 90 सेमी. व महिलाओं में साइज 80 सेमी. से कम पाया गया है।
परिवार में डायबिटीज के लिहाज से भी लखनऊवासी बेहतर रहे, जहां 744 नागरिकों के किसी भी अभिभावक में डायबिटीज नहीं पाया गया है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि नागरिकों में डायबिटीज रिस्क बढ़ने की प्रमुख वजह उनका व्यायाम से दूर होना है।
आपको डायबिटीज होने की कितनी संभावना है इसकी जांच इंडियन डायबिटीज रिस्क स्कोर (आईडीआरएस) से की जा सकती है। इसके तहत अगर आपका स्कोर 60 या उससे अधिक आता है तो आप डायबिटीज के हाई-रिस्क जोन में आते हैं। वहीं 31 से 59 स्कोर का मतलब है कि आप मध्यम रिस्क जोन में हैं।
इससे कम स्कोर यानी डायबिटीज के खतरे से आप बहुत दूर हैं। आईडीआरएस को भारतीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।