उप मुख्यमंत्री व ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में तबादलों को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की ओर से अपर मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं तबादलों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है तो विभागीय मंत्री होने के नाते पाठक को अपर मुख्य सचिव से जवाब मांगने का अधिकार है। केशव ने ये बातें बुधवार को लोक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्राम्य विकास विभाग की सौ दिन की उपलब्धियां गिनाने के दौरान कहीं।
उप मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस की विधानसभा में मात्र दो सदस्य हैं जबकि विधान परिषद कांग्रेस मुक्त हो गई है। ऐसे में अस्तित्व के लिए जूझ रही कांग्रेस को तबादलों की एसआईटी जांच की मांग करने का अधिकार नहीं है। जनता की ओर से चार बार नकारे जा चुके अखिलेश यादव को समझना चाहिए कि वह अब मुख्यमंत्री नहीं बल्कि केवल पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। ऐसे में यूपी में अस्तित्व के लिए जूझ रही कांग्रेस और हार का चौका लगा चुकी सपा को तबादलों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।
विभाग में ईपॉज मशीन की खरीद में अनियमितता की शिकायत के सवाल पर केशव ने कहा कि यदि कोई शिकायत मिलेगी तो वह जांच अवश्य कराएंगे। इस अवसर पर राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह मौजूद थे।
ग्राम्य विकास विभाग की सौ दिन की प्रमुख उपलब्धियां
- पीएम आवास योजना के तहत 1.08 लाख और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 8200 आवासों का निर्माण कराया गया।
- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 50,141 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया।
- मनरेगा में 39.11 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
- 6,000 तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष 6,291 तालाब का कार्य शुरू कराया गया।
- 2,600 खेल मैदान के लक्ष्य के सापेक्ष 3,251 खेल मैदानों पर कार्य शुरू कराया गया।
- 15,169 महिला मेटों को मनरेगा कार्यों में नियोजित किया गया।
- 21 हाईटेक नर्सरी की स्थापना की जा रही है।
- 75 विलुप्त प्राय नदियों के संरक्षण का कार्य शुरू कराया है।