यूपी विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान रविवार को हो रहा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के स्टार प्रचारक हैं। वह लगातार पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कर रहे हैं। केशव का कहना है कि दो चरण के चुनाव से साफ है कि भाजपा की लहर चल रही है। चुनाव प्रचार में व्यस्त डिप्टी सीएम केशव मौर्य से दो चरण के संपन्न मतदान व आगे की चुनावी रणनीति पर लिखित सवालों के जवाब में पार्टी को 300 से ज्यादा सीट जीतकर दोबारा सरकार बनाने का दावा किया।
सवाल- अब तक हो चुके चरणों के चुनाव को आप किस नजर से देखते हैं?
उत्तर- भाजपा हर चुनाव पूरी शिद्दत के साथ लड़ती है। हमें भरोसा है कि हमारी पार्टी 2017 के नतीजों को दोहराकर 300 सीटों के पार जाएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में हमने परचम फहराया। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2017 और लोकसभा चुनाव 2019 में भी जीत का रिकॉर्ड वही रहा। उत्तर प्रदेश की जनता को लंबे अरसे बाद एक भरोसे की पार्टी मिली है, जो उसकी उम्मीद पर खरी उतरी है।
सवाल- बाकी चरणों को लेकर पार्टी की रणनीति क्या है?
उत्तर- चुनावी सक्रियता हमारी पार्टी की पहचान है। भाजपा की यही रणनीति विरोधी पार्टियों के लिए एक चुनौती है, जो केवल चुनावी मौसम में प्रकट होते हैं। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास को लेकर चलने वाली पार्टी है भाजपा। यही हमारी जीत का कारण है।
सवाल- आपकी पार्टी पर हमेशा सांप्रदायिकता का तमगा लटका रहता है। इससे छूटने की कोई उम्मीद है?
उत्तर- हम इस तरह के आरोपों में नहीं फंसते हैं और ना ही परवाह करते हैं। लगातार भाजपा की बढ़ती ताकत से आरोप बेबुनियाद सिद्ध हो जाता है। इस वक्त हमारी पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत ही नहीं दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। भाजपा सही मायनों में लोकतंत्र की रखवाली है। लेकिन, परिवारवादी पार्टियों को यह हजम नहीं होता है।
सवाल- ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा आजकल मुसलमानों के पिछड़ा और वंचित पसमांदा समाज पर कुछ ज्यादा ही फोकस कर रही है?
उत्तर- भाजपा का लक्ष्य अंत्योदय है यानि समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले व्यक्ति की चिंता कर उनका उत्थान करना। तब मुस्लिम और हिंदू में फर्क कहां है। सच्चर कमीशन की रिपोर्ट देखें तो दशकों तक उनके वोट लेने वाले सपा, बसपा और कांग्रेस ने उनके लिए कुछ हीं किया। पसमांदा मुस्लिम समाज और मुस्लिम महिलाएं सपा के लिए केवल वोट बैंक हैं।
सवाल- क्या यह सच है कि गरीबों और वंचितों की बात करने वाली भाजपा चुनावी मौसम में धर्म-जाति की बात करने लगती है?
उत्तर- भाजपा केवल गरीबों और वंचितों की बात नहीं करती, बल्कि उनके लिए ठोस योजनाओं का क्रियान्वयन भी करती है। इस दिशा में केंद्र व भाजपा शासित राज्यों का फॉर्मूला एक है। आप उत्तर प्रदेश की सरकार को देख लीजिए, जिसने अपने शासन में किसी की अनदेखी नहीं की है।
सवाल- चुनावी मौसम में नेताओं के पार्टी छोड़ने से नुकसान का अंदेशा है?
उत्तर- चुनावी वक्त में अवसरवादी नेता इधर-उधर आते-जाते रहते हैं। भाजपा छोड़ कर गए नेताओं से हमारा कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि उनकी राजनीति को जरूर नुकसान होगा। स्वामी प्रसाद मौर्य भागे-भागे फिर रहे हैं। बाकी विधायकों को भी विरोधियों के चंगुल में फंसने का अंदेशा है। मैं खुद पिछड़ी जाति से हूं। पार्टी ने मुझे डिप्टी सीएम बनाकर समूची पिछड़ी जातियों को सम्मान दिया है।
सवाल- विरोधी दल जब एक खास जाति से पहचाने जाते हैं तो भाजपा उनका मुकाबला कैसे करेगी?
उत्तर- खास जाति से पहचान रखने वाले दलों के दिन अब लद गए हैं। जाति का यही तमगा उनको भारी पड़ रहा है। यूपी की जनता चेत गई है। अब वह जाति नहीं, विकास के लिए वोट देती है। भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है, जो किसी खास जाति के खांचे में फिट नहीं है।