योजना में वही गांव चुने गए हैं, जिनमें आधी से ज्यादा आबादी अनुसूचित जाति की है। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है। शुक्रवार को समिति की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन ग्राम्य विकास विभाग, जल निगम, आईटी, एनआईसी, बैंकर्स और कौशल विकास विभाग के अधिकारी ही नहीं पहुंचे। इस पर रमापति शास्त्री ने गहरी नाराजगी जताई। साथ ही पूरी स्थिति से सीएम को अवगत कराने की बात भी कही।
केंद्र सरकार की इस योजना में एनआईसी और बैंकर्स का भाग न लेना और भी गंभीर बात है, क्योंकि यह दोनों ही सेक्टर केंद्र सरकार के अधीन आते हैं। वित्तीय समावेश, तकनीकी विकास और नेटवर्क से जोड़ने के लिए इन विभागों के साथ योजना बनाना जरूरी है। इस संबंध में प्रमुख सचिव, समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि सभी विभागों से समिति की बैठक में अनिवार्य रूप से हिस्सा लेने के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।