चिप की कमी के चलते ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट होकर आवेदकों के घर नहीं पहुंच पा रहे थे। अब यह किल्लत दूर हो गई है। पहली जून से डीएल की डिलीवरी बहाल कर दी गई है। अब रोजाना सात से आठ हजार डीएल प्रिंट होकर आवेदकों को डाक से भेजे जाएंगे।
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स्थाई डीएल बनवाने वाले आवेदकों के लिए यह राहत भरी खबर है। आरटीओ कार्यालय में डीएल संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंतजार नहीं करना होगा। पिछले छह महीने से डीएल में लगने वाले चिप की कमी के चलते मुश्किलें बनी हुई थीं। डीएल की डिलीवरी के करीब ढाई लाख मामले पेंडिंग थे, जिन्हें 31 मई तक खत्म कर लिया गया है।
परिवहन विभाग के आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि गत वर्ष दिसंबर में रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते चिप की सप्लाई बाधित हो गई थी। इस कमी को मई में दूर कर लिया गया है। डीएल की सभी पेंडेंसी खत्म कर दी गई। अब रोजाना डीएल अप्रूवल होने के बाद दस दिनों के भीतर आवेदक के पते पर डाक से पहुंच जाएगा।