गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होगा या नहीं, इस पर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। हालांकि सोमवार को इस पर निर्णय होने की उम्मीद है। यही वजह है कि गाजियाबाद में अब तक नियमित एसएसपी की तैनाती का आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इस कारण असमंजस बरकरार है।
पुलिस महकमे में गाजियाबाद में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने को लेकर कई दिनों से चर्चा चल रही है। कुछ अधिकारी बता रहे हैं कि गाजियाबाद का पहला पुलिस आयुक्त कौन बन सकता है। इस बारे में कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि गाजियाबाद में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की कोई योजना होगी तो निर्णय होने के बाद ही जानकारी बाहर आएगी क्योंकि यह एक नीतिगत फैसला है। नीति निर्धारण के बाद ही इसमें कुछ कहा जा सकता है।
उधर, सूत्रों का कहना है कि पूर्व में गाजियाबाद में पुलिस आयुक्त प्रणाली का प्रस्ताव डीजीपी मुख्यालय ने तैयार किया था। माना जा रहा है कि निर्णय होने के बाद उसी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से लौटने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा होगी। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
...इस तरह चर्चा को मिला और बल
गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को 31 मार्च को शासन ने निलंबित कर दिया था। उसके बाद वहां की व्यवस्था संभालने के लिए अस्थायी एसएसपी के रूप में मुनिराज जी को भेजा गया था। उसी के बाद से चर्चा शुरू हो गई थी कि गाजियाबाद में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो सकती है। इसलिए वहां नियमित तैनाती नहीं की गई है। 14 अप्रैल की रात में 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए। उसमें भी गाजियाबाद को नियमित एसएसपी नहीं मिला, जिससे इस चर्चा को और बल मिल गया।