आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी की ओर से वकील नूतन ठाकुर ने जमानत अर्जी देकर कोर्ट में तर्क दिया कि गवाहों के बयान व घटनाक्रम देखा जाए तो अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। आरोपी का मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर दुष्कर्म पीड़िता और उसके साथी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में आरोपी अमिताभ ठाकुर की ओर से दी गई दूसरी जमानत अर्जी पर शुक्रवार को बहस पूरी हो गई है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने जमानत अर्जी पर 30 नवंबर तक फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी की ओर से वकील नूतन ठाकुर ने जमानत अर्जी देकर कोर्ट में तर्क दिया कि गवाहों के बयान व घटनाक्रम देखा जाए तो अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। आरोपी का मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं, जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव का तर्क था कि दूसरी जमानत अर्जी पोषणीय नहीं है। क्योंकि इसमें कोई नई बात नहीं कही गई है।
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गौरतलब है कि मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद एसएसआई दयाशंकर द्विवेदी ने अमिताभ ठाकुर के खिलाफ गत 27 अगस्त को हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।