घरेलू एलपीजी कस्टमरों को 31 मार्च तक डीबीटीएल के दायरे में लाने की कार्ययोजना अब साकार स्वरूप लेगी।
गैस उपभोक्ताओं के लिए अलग से बॉयोमीट्रिक पंजीयन शिविर लगाने की जनगणना महानिदेशालय से मिली अनुमति के बाद गुरुवार को इस कार्ययोजना को लागू किए जाने के विस्तृत माइक्रोप्लान को जिला स्तरीय संचालक कमेटी की बैठक के बाद मंजूरी दे दी गयी।
दो चरण में पूरी की जाने वाली इस योजना में गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बनवाने को पहले एनपीआर फार्म भरवा कर उनकी डाटा फीडिंग वेंडर कंपनी द्वारा पूरी की जाएगी।
स्टेयरिंग कमेटी से जुड़े जिलाधिकारी के नामित एडीएम वित्त व राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने बताया कि 31 जनवरी तक जिन उपभोक्ताओं के भरे हुए एनपीआर फार्म की डाटा फीडिंग पूरी हो जाएगी उन्हें वेंडर कंपनी की तरफ से एसएमएस भेजा जाएगा।
फिर उन्हें बॉयोमीट्रिक जांच के लिए प्रस्तावित शिविर स्थान पर बुलाने का संदेश निर्धारित समय के साथ जारी किया जाएगा।
गैस उपभोक्ताओं की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने को तीन दिन तक लगातार एसएमएस भेजने के बाद ही शिविर में बॉयोमीट्रिक पंजीयन के लिए बुलाया जाएगा।
बॉयोमीट्रिक जांच के लिए शिविर का आयोजन तीन फरवरी से प्रस्तावित है। इसकी औपचारिक घोषणा शुक्रवार को गैस वितरकों के साथ बुलायी गयी बैठक के बाद की जाएगी।
अखबार व वेबसाइट से मिलेगा फॉर्म फार्मेट
डीबीटीएल योजना के लिए आधार कार्ड बनवाने वाले गैस उपभोक्ताओं को बायोमीट्रिक पंजीयन कराने से पूर्व एनपीआर फॉर्म भरना होगा। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत प्रशासन प्रमुख अखबारों में फॉर्म फार्मेट छपवाने के साथ एनआईसी की वेबसाइट पर इसे लोड कर प्रिंट कराने की सुविधा देगा।
उपभोक्ताओं को इसी फॉर्म फार्मेट की फोटो कापी कर भरने के बाद अपने आईडी प्रूफ व गैस कनेक्शन संबंधी कागजात की छाया प्रति के साथ संलग्न कर संबंधित गैस एजेंसी पर जमा कराना होगा।
गैस एजेंसी से वेंडर कंपनी जमा करेगी फार्म
बॉयोमीट्रिक जांच को नामित वेंडर कंपनी का स्टाफ हर दिन गैस एजेंसियों से शाम पांच बजे के बाद उपभोक्ताओं द्वारा जमा कराए गए एनपीआर फार्मेट फार्म एकत्रित कर इन्हें डिजिटलाइज्ड कर कंप्यूटर में डाटा फीडिंग तैयार करेगा।
पहले चरण में 31 जनवरी तक फीड हो चुके फार्म के आधार पर गैस उपभोक्ताओं को तीन फरवरी से प्रस्तावित बॉयोमीट्रिक पंजीयन शिविर में बुलाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
एक साथ तीस स्थानों पर लगेंगे शिविर
गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बनाने के कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए जिले में चिह्नित तीस स्थानों पर एक साथ शिविर आयोजित होंगे। पुरानी कार्ययोजना में बदलाव करते हुए अब हर शिविर स्थल पर पांच मशीनों की उपलब्धता के आधार पर बॉयोमीट्रिक जांच होगी।
उपभोक्ता का डाटा बेस तैयार होने पर एक कस्टमर के बॉयोमीट्रिक पंजीयन में मात्र पांच से सात मिनट का समय ही प्रस्तावित है। इस तरह एक दिन में एक शिविर में 1500 कस्टमरों का पंजीयन पूरा कराने का लक्ष्य तय होगा।
कुछ एजेंसियों के शिविर स्थल में बदलाव संभव
गैस उपभोक्ताओं के बनाए जाने वाले आधार कार्ड के लिए प्रस्तावित शिविर स्थलों की औपचारिक जानकारी के बाद गुरुवार को कुछ उपभोक्ताओं ने जिला आपूर्ति विभाग पहुंच कर आपत्ति भी दर्ज करायी।
इन उपभोक्ताओं का कहना था कि आधार कार्ड शिविर के लिए प्रस्तावित स्थल उनके निवास स्थानों से पांच किलोमीटर से दूरी पर हो गए हैं। इससे बॉयोमीट्रिक पंजीयन कराने में परेशानी आएगी।
इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि शिविर स्थल की प्रस्तावित सूची में फेरबदल किया जा सकता है। इसके तहत कुछ गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं की शिविर स्थल से ज्यादा दूरी पाए जाने पर उक्त एजेंसी के शिविर स्थल को समीप के दूसरे शिविर स्थल में बदला भी जा सकता है।