साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड पर कार्रवाई और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए थाने से लेकर जोन मुख्यालय तक साइबर सेल का गठन होगा। डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने इस संबंध में गुरुवार को सभी एडीजी जोन, आईजी व डीआईजी रेंज, एसएसपी और एसपी को भेजे निर्देश जारी किए हैं। साइबर सेल के गठन की पहले चरण की प्रक्रिया 15 अक्तूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने निर्देश में कहा है कि थाने स्तर पर भी साइबर क्राइम टीम काम करेगी। यह टीम एटीएम, क्रेडिट कार्ड व वॉलेट की धोखाधड़ी, फेक प्रोफाइल, पासवर्ड हैक जैसे साधारण साइबर अपराधों की विवेचना करेगी। टीम में एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और दो मुख्य आरक्षी होंगे।
इसी तरह जिला स्तर पर ‘डिस्ट्रिक्ट साइबर क्राइम सेल’ बनेगी। इसका काम जटिल अपराधों की विवेचना करना होगा। इसमें ई कॉमर्स, फेक ट्विटर हैंडिल, लॉटरी फ्राड, वेबसाइट डिफेसमेंट, डेटा थेफ्ट जैसे अपराध शामिल होंगे।
जिला स्तर पर एक साइबर क्राइम इंवेस्टीगेशन टीम और साइबर क्राइम सपोर्ट टीम भी होगी जिसमें एक-एक निरीक्षक, एक-एक उप निरीक्षक व दो-दो मुख्य आरक्षी व आरक्षी होंगे। जोन स्तर पर बनने वाली साइबर क्राइम सेल का काम डेटा थेफ्ट, रैंसमवेयर, बिटक्वाइन, डार्कवेब, साइबर आतंकवाद और वसूली जैसे गंभीर मामलों की विवेचना करना होगा। यहां भी जिलों की तरह साइबर क्राइम इंवेस्टीगेशन टीम और साइबर क्राइम सपोर्ट टीम होगी।
जिला स्तर पर एएसपी क्राइम होंगे साइबर सेल प्रभारी
एएसपी क्राइम और डीएसपी क्राइम जिला स्तर पर साइबर सेल के प्रभारी अधिकारी होंगे, जो जिले के पुलिस कप्तान के निर्देशन में काम करेंगे। जिला स्तर की साइबर सेल उन अपराधों की विवेचना करेगी, जो एसएसपी/एसपी उन्हें आवंटित करेंगे। विवेचना का दायरा एक से अधिक जिलों या पूरे प्रदेश स्तर का होगा।
टीम सोशल मीडिया की भी निगरानी करेगी और महत्वपूर्ण प्रकरणों को एसएसपी, एसपी के संज्ञान में लाकर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों-कॉलेजों में गोष्ठी आयोजित कर विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी जिला स्तर की साइबर क्राइम सेल की होगी।
जोन स्तर पर होगी अंतरराज्यीय मामलों की विवेचना
डीजीपी ने बताया कि ऐसे साइबर अपराध जिसका दायरा पूरे राज्य या अंतरराज्यीय हो या बेहद जटिल हों, उनकी विवेचना जोन स्तर पर होगी। कोई प्रकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है, तो उसकी सूचना साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ को भी देनी होगी।
लखनऊ से होगी मॉनीटरिंग
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर राज्य स्तरीय साइबर क्राइम सेल कार्यरत है। इसके तहत प्रदेश के दो साइबर क्राइम थाने आते हैं। साइबर क्राइम सेल यूपी जोन, जिला और थाने स्तर की साइबर क्राइम टीम की महत्वपूर्ण विवेचनाओं की मानीटरिंग भी करेगी।
साइबर अपराधों से जुड़ी सभी टीमों के पुलिस कर्मियों को तीन दिन का आधारभूत प्रशिक्षण और पांच दिन का एडवांस प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग लखनऊ में यूपी 100 स्थित साइबर प्रशिक्षण लैब और मुरादाबाद स्थित प्रशिक्षण लैब में दी जाएगी।