अलीगंज के तिरुपति ज्वैलर्स में कर्मचारी को गोली मारकर लूटपाट करने की वारदात का क्राइम ब्रांच व पुलिस ने खुलासा कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तिरुपति ज्वैलर्स से लूटे गए गहने के साथ ही पिस्टल, तमंचा व चार कारतूस बरामद हुए हैं। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
अलीगंज के कपूरथला स्थित निखिल अग्रवाल के तिरुपति ज्वैलर्स में आठ दिसंबर को बदमाशों ने कर्मचारी श्रवण को गोली मारकर करीब 40 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने लूट लिये थे। पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर ने वारदात के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई थीं। करीब एक सप्ताह तक टीमें लगातार लुटेरों की तलाश में जुटी रहीं। सीसीटीवी फुटेज व अन्य माध्यमों से छानबीन कर अलीगंज पुलिस व क्राइम ब्रांच ने अलीगंज के बंधा रोड से बृहस्पतिवार भोर में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ की गई। दोनों ने वारदात में प्रयुक्त असलहा व लूटे गये जेवरात बरामद कराये। तिरुपति ज्वैलर्स में लूट करने वाले दो अन्य बदमाशों की तलाश पुलिस कर रही है। फरार दोनों बदमाशों ने कुछ समय पहले आशियाना इलाके में एक सर्राफा की दुकान में लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। लेकिन उनका नाम सामने नहीं आया था।
सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक तिरुपति ज्वैलर्स में हुई लूट के बाद इलाके के करीब 77 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई स्थानों पर बदमाशों की तस्वीरें मिली। इसके आधार पर यह पता चला कि लुटेरे किस दिशा में निकले थे। वहीं पुलिस ने बदमाशों की पहचान भी की थी। वारदात के एक दिन बाद लुटेरों की अपाचे बाइक लावारिस हालत में निशातगंज से बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें खुलासे के लिए लगी थी। जेसीपी क्राइम के मुताबिक बदमाशों की पहचान होने के बाद पुलिस की टीमें उनकी तलाश में कई दिनों से लगी थीं, पर बदमाश लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। यहां तक कि बदमाशों ने मोबाइल फोन का प्रयोग भी बंद कर दिया था। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए बदमाशों के कुछ करीबियों को भी पूछताछ के लिए उठाया था।
बंधा रोड हर्षा अस्पताल के पास से दबोचे गये
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम सर्विलांस की मदद से बदमाशों पर लगातार नजर रखे थी। बुधवार रात को सर्विलांस की मदद से इस बात की खबर मिली कि इस लूटकांड में शामिल दो बदमाश लखनऊ में मौजूद हैं। पुलिस टीम उनकी तलाश में जुट गई। बृहस्पतिवार तड़के दोनों की लोकेशन बंधा रोड हर्षा अस्पताल के पास मिला। संयुक्त टीम ने दो बदमाशों गाजीपुर सेक्टर सी निवासी हर्ष सिंह उर्फ हनी सिंह और गुडंबा कल्याणपुर निवासी रवि कुमार वर्मा को दबोच लिया। पुलिस ने उनके पास से सर्राफ की दुकान से लूटी गई सोने की पांच सोने की चेन, दो सोने की अंगूठी, दो जोड़ी टॉप्स, एक 32 बोर की पिस्टल और 12 बोर का एक तमंचा बरामद किया। पकड़ा गया लुटेरा हनी सिंह मूल रूप से कानपुर नगर और रवि कुमार शर्मा बिहार का रहने वाला है। इस लूट में शाहजहांपुर निवासी पेशेवर लुटेरा राहुल और उसका एक साथी सौरभ अभी फरार हैं।
2017 में हुई लूट से को सरोकार नहीं
एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक पकड़े गये लुटेरों से तिरुपति ज्वैलर्स पर 2017 में हुई लूटकांड के बारे में भी पूछताछ की गई। लेकिन सभी ने इंकार किया। जिस पर पुलिस ने अपने स्तर से पड़ताल भी की। लेकिन कोई सरोकार नहीं मिला। चार साल पहले हुई वारदात को किसी दूसरे गिरोह ने अंजाम दिया था। एसीपी अलीगंज के मुताबिक लुटेरों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। ताकि इस वारदात में फरार चल रहे आरोपियों को बारे में जानकारी हासिल की जा सके। वहीं अभी तक की पूछताछ में सामने आया कि लूटकांड का आरोपी सौरभ मूलरूप से हरदोई का रहने वाला है। उस पर वहां से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
हर्ष एक दिन पहले ग्राहक बनकर आया था
एसीपी अलीगंज के मुताबिक तिरुपति ज्वैलर्स में लूट की योजना वारदात के तीन दिन पहले बनी थी। इस दौरान चारो लुटेरे एक शराब की दुकान पर बैठकर नशा कर रहे थे। ज्वैलर्स को निशाना बनाने के पीछे लुटेरों ने तर्क दिया कि यहां से निकलने के कई रास्ते थे। इसलिए टारगेट किया। शुरूआती पूछताछ में हर्ष सिंह उर्फ हनी ने बताया कि वारदात के एक दिन पहले वही ग्राहक बनकर तिरुपति ज्वैलर्स में गया था। उसने ही अपनी इंगेजमेंट की बात कहकर चेन व अंगूठियां देखी थी। इस दौरान उसने पूरे दुकान के बारे में जानकारी हासिल कर ली थी। बुधवार को एक अन्य साथी के साथ अंदर गया। फिर दो और साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। भागते समय श्रवण ने पकड़ लिया तो फरार साथी राहुल ने उसे गोली मार दी थी।