हिंदूवादी संगठन के नेता कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी को जो धमकी भरा पत्र मिला है, उसकी जांच में पता चला है कि ठीक इसी तरह का पत्र 2019 में कमलेश तिवारी के हत्या के पहले भी मिला था। पत्र की लिखावट और अक्षर जैसे ही हैं। पुलिस ने किरन तिवारी की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं कई महीने से खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को भी ठीक करा दिया है। पश्चिम जोन के कई अधिकारी व नाका इंस्पेक्टर किरन तिवारी से मिलने उनके घर गए और उनसे कई बिंदुओं पर चर्चा की।
कमलेश तिवारी की हत्या अक्तूबर 2019 में की गई थी। वहीं शुक्रवार को पुलिस के हाथ एक पत्र लगा जिसमें कमलेश की पत्नी किरन तिवारी को धमकी दी गई है। इस पत्र के मिलने के बाद किरन ने मांग की है कि उनके मामले की सुनवाई प्रयागराज की जगह लखनऊ कोर्ट में कराई जाए, ताकि उनको किसी भी तरह की असुरक्षा न हो। उधर, शनिवार सुबह डीसीपी पश्चिम, एसीपी चौक आइपी सिंह, एसीपी कैसरबाग योगेश कुमार, इंस्पेक्टर नाका मनोज कुमार मिश्रा और खुफिया विंग के अधिकारी किरन तिवारी के घर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उनका बयान दर्ज किया।
एसीपी योगेश कुमार के मुताबिक, भेजा गया पत्र दो पेज में है। इसी तरह का पत्र 2019 में भी किरन के घर आया था। उस मामले में मुकदमा नाका थाने में दर्ज है। इस पत्र को विवेचना में शामिल कर लिया गया है। मामले की जांच संजीदगी से की जा रही है। पुलिस ने किरन के घर की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। कमलेश तिवारी की हत्या में मुख्य साजिश करने वाले तनवीर को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस के मुताबिक, उसकी लोकेशन नेपाल में मिल रही थी। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें से आठ जेल में हैं तो पांच को कोर्ट से जमानत मिली है।