अपनी रिश्तेदार के साथ दुराचार की कोशिश और उसकी लज्जा भंग करने के दोषी वायरलेस विभाग के सिपाही रंजीत सिंह को कोर्ट ने पांच साल की कैद और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडीजे डॉ. अवनीश कुमार ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में जुर्माने की संपूर्ण राशि देने का आदेश दिया है।
कोर्ट में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव एवं अरुण कुमार पांडे और वादिनी के विशेष अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह चौहान का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने 31 मार्च 2014 को आलमबाग थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया कि 23 मार्च 2014 को दोपहर एक बजे वह अपने कमरे में सो रही थी।
इस बीच उसके रिश्तेदार रंजीत सिंह आए और दुराचार की कोशिश की साथ ही उसकी मानवीय गरिमा का हनन करते हुए न केवल ठेस पहुंचाया बल्कि लज्जा भंग किया।
यह भी आरोप लगाया गया कि उसको अपने रिश्तेदार से जानमाल का खतरा है। वह उसकी पढ़ाई-परीक्षा में व्यवधान डालेगा। इस पर कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई।