छह महीने में सचिव पवन गंगवार, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने 100 से अधिक ऐसे भूखंड व भवन के आवंटन व रजिस्ट्री पकड़ी हैं, जिनमें जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल मिला। इन मामलों में एफआईआर कराने के अलावा नक्शे निरस्त करने और संपत्तियों पर कब्जा वापस लेने तक की कार्रवाई एलडीए को करनी पड़ी।
एक बाबू के अलावा जाली दस्तावेज से भूखंड बेचने वाले गैंग में शामिल चार बाहरियों को भी जेल भेजा जा चुका है। इनके अलावा 498 संपत्तियों के कंप्यूटर रिकॉर्ड में बदलाव की जांच भी पुलिस कर रही है। इसमें एलडीए में काम करने वाली एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर कराई गई थी।