लखनऊ में पीजीआई इलाके के वृंदावन कॉलोनी निवासी उद्यमी अविनाश सिंह (38) की हत्या उसकी पत्नी के मौसेरे भाई सुमित कटियार ने ही कराई थी। उसने हत्या के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी। वारदात का खुलासा करते हुए एसटीएफ की टीम ने सुमित कटियार समेत चार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से एक कार, डेढ़ लाख रुपये, तीन एटीएम कार्ड, सात मोबाइल व सिमकार्ड, दो आधार कार्ड के अलावा एक बाइक भी बरामद की है जो रेकी के लिए इस्तेमाल की गई थी। एसटीएफ ने चारों आरोपियों को पीजीआई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक, पीजीआई के वृंदावन योजना सेक्टर-4 निवासी अविनाश सिंह की औद्योगिक क्षेत्र सरोजनीनगर में नमकीन की फैक्टरी है। 30 जनवरी की शाम को वह फैक्टरी से घर के लिए निकले लेकिन वापस नहीं पहुंचे। देर रात पत्नी निधि कटियार ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। रविवार सुबह अविनाश का शव दरोगा खेड़ा के पास जंगल में एक पेड़ से लटकता मिला था। हत्या के खुलासे को लेकर बढ़ते दबाव के चलते घर से लेकर सभी परिचितों के बीच हत्यारों की तलाश एसटीएफ ने शुरू की। सोमवार को अहम सुराग हाथ लगा। मंगलवार दोपहर को टीम ने हत्यारों को दबोच लिया। पकड़े गए हत्यारों में कन्नौज के किस्वापुर का सुमित कटियार, वैसावरी का अनमोल कटियार, बाराबंकी के याकूतगंज का विशाल वर्मा उर्फ आदित्य सिंह उर्फ शिवम उर्फ दिव्यांश उर्फ दिब्बू और याकूतगंज का ही सुनील गुप्ता उर्फ राजन शामिल हैं।
बहन की खुदकुशी का बदला लेने को की हत्या
एडीजी एसटीएफ के मुताबिक, हत्या की सुपारी देने वाला अविनाश की पत्नी निधि का मौसेरा भाई सुमित कटियार है। सुमित कन्नौज के गुरुसहायगंज का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि सुमित की बहन कामिनी का कानपुर निवासी प्रशांत सिंह से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन प्रशांत के घर वालों ने अधिक दहेज मांगा। इस पर रिश्ता टूट गया। कामिनी की शादी परिवारीजनों ने शमशाबाद के ब्लॉक प्रमुख के बेटे से तय कर दी। शादी की तारीख भी दो दिसंबर 2020 तय हो गई। जानकारी होने पर प्रशांत कामिनी के घर पहुंचा। उसने शादी तोड़ने को कहा। फिर प्रशांत ने उसकी कुछ निजी तस्वीरों के बारे में ब्लॉक प्रमुख के बेटे को भी जानकारी दी। इसके बाद कामिनी की शादी टूट गई। इसके बाद कामिनी ने खुदकुशी कर ली। यह बात सुमित को काफी नागवार लगी।
निधि के भाई को मानता था बहन की खुदकुशी का जिम्मेदार
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि सुमित अपनी बहन की खुदकुशी के लिए मौसेरे भाई विक्रम को जिम्मेदार मानता था। सुमित के मुताबिक, प्रशांत उसके मौसेरे भाई विक्रम उर्फ विक्की का दोस्त था। सुमित बहन की खुदकुशी के बाद डिप्रेशन में चला गया। उसने अपनी मौसी के बेटे व बेटियों से काफी दूरी बना ली। उसने आरोप लगाया कि विक्रम अगर प्रशांत को समझा देता तो उसकी बहन की शादी न टूटती और वह खुदकुशी न करती। इसी नाराजगी में सुमित ने विक्रम की बहन निधि के पति अविनाश सिंह की हत्या की साजिश रच डाली। उसने गुरुसहायगंज के अनमोल कटियार से बातचीत की। योजना बनाने केबाद तीन लाख रुपये की सुपारी देने की बात कही गई। अनमोल ने हत्या के लिए विशाल वर्मा उर्फ आदित्य निवासी जैदपुर जिला बाराबंकी से संपर्क किया। उसके बैंक खाते में 60 हजार रुपये भी डाले गए। बाकी रकम काम होने के बाद देने को कही गई।
असलहा दिखा किया अगवा, मफलर से गला घोंटा
पुलिस के मुताबिक, 30 जनवरी की शाम को अविनाश जब अपनी फैक्टरी से निकला तो हत्यारे उसके पीछे लग गए। जैसे ही अविनाश की कार सर्विस लेन पर पहुंची। दोनों ने कार घेर ली और असलहा दिखाकर कार को अपने कब्जे में ले लिया। वहां से अविनाश की कार को विशाल चलाने लगा। हाईवे पर शेरे पंजाब होटल के आगे बायीं तरफ सुनसान स्थान पर गाड़ी के अंदर ही अविनाश का गला उसके मफलर से घोंट दिया गया। कार में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद सुनसान स्थान देखकर पेड़ से उसके शव को मफलर के फंदे से लटका दिया। उसकी कार भी वहीं छोड़ दी। उसमें कोई सामान नहीं छुआ गया था। ताकि लोगों को लगे कि अविनाश ने आत्महत्या की है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को सुमित और अनमोल सुपारी की रकम डेढ़ लाख रुपये लेकर देने आए थे। इसी दौरान चारों सीतापुर रोड के घैलापुर से पकड़ लिए गए।
सुनील और विशाल कर रहे थे रेकी
हत्या के लिए सुपारी लेने केबाद अनमोल, सुनील और विशाल योजना बनाने में जुट गए। सुनील व विशाल ने सुबह से लेकर देर रात तक अविनाश की रेकी करनी शुरू कर दी। बाइक से दोनों उसकी कार का पीछा करते थे। 29 जनवरी को उसके आने जाने से लेकर फैक्टरी व घर केबारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद हत्या को अंजाम देने की तैयारी पूरी कर ली।