उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी के खिलाफ डीएम ने रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी सिंटू राव अभी जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि गगहा इलाके का रहने वाला आरोपी सिंटू मुंबई में रहने के दौरान भी पॉक्सो एक्ट में जेल गया था। वहां से छूटने के बाद पांच महीने पहले गांव आया और फिर उसने बच्ची के साथ घटना की।
जानकारी के मुताबिक, गगहा इलाके के एक गांव की सात साल की बच्ची के साथ नवंबर 2020 में दुष्कर्म की घटना हुई थी। घटना वाले दिन बच्ची के पिता भैंस चराने गए थे और उसकी मां घर के बगल में कुछ दूरी पर घास काटने गई थी। तभी सिंटू राव बंधे पर स्थित उसकी झोपड़ी पर पहुंचा। वहां बच्ची को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर आई मां ने देखा कि बेटी खून से लथपथ थी।
लोकलाज के भय से मां ने घटना की सूचना थाने पर नहीं दी। हालांकि जब गांव के अन्य लोगों को इसकी खबर हुई तो अगले दिन सुबह गगहा थाने पहुंच सिंटू राव के खिलाफ तहरीर दी गई। गगहा पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की मां ने पुलिस को बताया था कि आरोपी पहले उसे भी छेड़ता था, लेकिन लोकलाज के भय से वह विरोध नहीं करती थी।
लोकलाज के डर से नहीं दी थी सूचना
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि बच्ची से हैवानियत करने वाले सिंटू पर रासुका की कार्रवाई कर दी गई है।
घटना के बाद लोकलाज के डर से महिला ने बेटी के साथ हुई घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज भी करा लिया था, लेकिन बाद में लोगों ने उसे समझाया जिसके बाद उसने पुलिस को तहरीर दी। इस मामले में बिना पुलिस को सूचना दिए इलाज करने वाले झोलाछाप की भी तलाश की गई थी, लेकिन वह फरार हो गया था। बाद में जांच में पुलिस को उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिल पाया था, जिस वजह से वह कार्रवाई से बच गया।