चिनहट के सेमरा का मजरा, शाहपुर निवासी किसान रामलाल रावत (60) की रविवार की सुबह दबंगों ने जमीन विवाद के चलते बांके से गले व सिर पर वार कर नृशंस हत्या कर दी।
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उसकी लहूलुहान लाश घर से लगभग एक किलोमीटर दूर संतराम के खेत में पड़ी मिली। परिवारवालों व गांव वालों को जैसे ही हत्या की जानकारी मिली उनका आक्रोश भड़क गया।
स्थिति गंभीर होते देख घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने भी आनन-फानन में बगैर पंचनामे के ही शव को टैंपो पर लादकर पोस्टमॉर्टम के लिये ले जाने लगी। आक्रोशित ग्रामीणों ने टैंपो से शव उतारने की कोशिश की तो पुलिस कर्मियों से उनकी नोकझोंक व हाथापाई भी हुई।
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इसी दौरान मृतक किसान की बेटी भी चोटिल हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया और उन्होंने मटियारे तिराहे के पास फैजाबाद हाईवे को जाम करके प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
परिवारवालों व ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही से ही रामलाल रावत की हत्या हुई है। रामलाल का गांव के ही गुरुप्रसाद के बेटों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
गांववालों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
गांववालों का आरोप है कि संपत्ति को लेकर कई बार झगड़ा भी हुआ लेकिन पुलिस हमेशा दबंगों का ही पक्ष लेती रही। जमीन विवाद के चलते दिवानी कोर्ट में उनका मुकदमा भी चल रहा है।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, दबंग हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके तत्काल उन्हें गिरफ्तार करने, मृतक किसान के परिवारवालों को मुआवजा दिलाने और पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर फैजाबाद हाईवे पर मटियारी तिराहे के पास सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ जाम-प्रदर्शन दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे तक चलता रहा।
मौके पर पहुंचे एएसपी ट्रांसगोमती मनी राम यादव, सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को शांत कराने में सफल रहे। इस मामले में रामलाल की पत्नी रम्मो ने गांव के ही गुरुप्रसाद यादव के बेटे रंजीत, विजय, राजू, संजय और विजय यादव के बेटे आजाद के खिलाफ संपत्ति विवाद के चलते हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
किसान से दो करोड़ की डिमांड कर रहे थे आरोपी
परिवारवालों का आरोप है कि रामलाल की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई। हत्यारे पहले से घात लगाकर बैठे थे। रामलाल सुबह लगभग साढ़े आठ बजे साइकिल से अपने खेतों की तरफ गये थे।
वह खेत में बैठे ही थे तभी पहले से घात लगाकर बैठे रंजीत यादव ने अपने भाइयों व भतीजे के साथ मिलकर बांके से हमला कर दिया और मौके पर ही मार डाला। रम्मो के मुताबिक, उसके देवर अर्जुन यादव व शंभू दयाल की पत्नी गुड़िया ने उन्हें भागते हुये भी देखा है।
उन्होंने ही रामलाल के घर व गांव में हत्या की सूचना दी। रामलाल के सिर में बांके से एक और गले पर दो गंभीर वार किये गये थे। इसके अलावा भी शरीर में चोट के कई निशान हैं। जहां हत्या की गई, वह सुनसान इलाका है। राम लाल ने कुछ महीने पहले ही साढ़े बीघा जमीन का सौदा बीबीडी से चार करोड़ रुपये में तय किया था। इसमें आरोपी रंजीत यादव व उनके साथियों ने बिचौलिये की भूमिका निभाई थी।
सौदा तय होने के बाद रंजीत राम लाल से दो करोड़ रुपये की डिमांड कर रहा था। इसको लेकर वह लगातार धमकियां भी दे रहा था। राम राल ने दो करोड़ रुपये देने के लिये तैयार नहीं हुआ तो रंजीत ने एक करोड़ तक में मान जाने की बात कही। इसके बाद भी रामलाल तैयार नहीं था।
वर्ष 1982-83 में तत्कालीन प्रधान गुरु प्रसाद यादव उर्फ बाबा ने गांव के ही चार लोगों को पट्टे की जमीन दी थी। इसमें रामेसुल गुडई, हनुमान, पाले बाबा और मृतक किसान राम चंदर रावत थे।
राम चंदर ने बीबीडी से जिस साढ़े चार बीघा जमीन का सौदा किया है, उसमें ढाई बीघा वह जमीन भी शामिल है, जिसे गुरु प्रसाद ने पट्टे पर दी थी। बीबीडी से डील में गुरुप्रसाद के बेटों ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी। इसी लिये वह रामलाल से दो करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे।
मटियारे तिराहे के पास जाम व प्रदर्शन के चलते कई किलोमीटर तक हाईवे पर जाम लगा रहा। इस दौरान वहां से गुजर रहे पूर्व डीजीपी बृजलाल व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमा पति राम त्रिपाठी की गाड़ी भी फंस गई।
जब रामलाल रावत के परिवारवालों को यह पता चला कि पूर्व डीजीपी बृजलाल भी जाम में फंसे हैं, तो उनके परिवारवाले गाड़ी के आगे लेट गये। उन्होंने बृजलाल से आपबीती सुनाई और न्याय दिलाने की गुहार लगाई।