सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शनिवार को रुचि के लापता होने का मामला पुलिस मुख्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी एमपी सिंह ने दर्ज कराया था। वहीं, रविवार को सिपाही के भाई शुभम ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर बृहस्पतिवार को नाले से मिले शव की पहचान बहन के तौर पर की है। बिजनौर निवासी रुचि सिंह की तैनाती पुलिस मुख्यालय में थी। 13 फरवरी को उसकी ड्यूटी थी। काम पर नहीं आने पर रुचि को उसके साथी तलाश रहे थे। उसकी सहेली ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर मदद मांगी थी। वहीं रुचि का मोबाइल भी लगातार बंद था। सिपाही के बारे में कोई जानकारी न मिलने के बाद शनिवार को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। वहीं 17 फरवरी को माती स्थित नाले में एक महिला का शव मिला था जिसका हुलिया लापता सिपाही से मेल खा रहा था।
मिलने के लिए बुलाया और कर दी हत्या
इंस्पेक्टर पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, रुचि अर्जुनगंज में किराये के कमरे में रहती थी। पद्मेश के बुलाने पर रुचि कैब से पीजीआई अस्पताल के सामने पहुंची। पद्मेश और नामवर गाड़ी लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। रुचि के गाड़ी में बैठने पर आरोपितों ने उसे खाने के सामान में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया था। रुचि बेहोश हो गई तो आरोपितों ने सांस की नली दबाकर उसकी जान ले ली थी। हत्या के बाद 12 फरवरी की रात में ही कल्ली स्थित माती में शव को नाले में फेंककर भाग निकले थे।
बतौर पत्नी सरकारी आवास पर जाती थी रुचि
पद्मेश की पोस्टिंग प्रतापगढ़ में थी लेकिन उसका परिवार प्रयागराज में रहता था। पद्मेश पहले से शादीशुदा होने के बावजूद रुचि से रिलेशनशिप में था। वह अक्सर रुचि से मिलने उसके गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवास में किराये के फ्लैट पर आता था। रुचि भी उसकी पत्नी बनकर प्रतापगढ़ में उसके सरकारी आवास पर कई दिन तक रुकती थी। पद्मेश ने उसे भरोसा दिलाया था कि शादी करने के बाद लखनऊ में अपना फ्लैट लेकर दोनों यहीं रहेंगे। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को रुचि का भाई शुभम लखनऊ में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आया तो उसने भाई को सारी कहानी बताई। मौत से कुछ घंटे पहले भी रुचि ने अपनी भाभी शालिनी को मोबाइल पर कॉल करके बताया था कि पद्मेश उससे मिलने आया है।
लखनऊ में तैनात महावतपुर नजीबाबाद निवासी महिला सिपाही रुचि सिंह की हत्या से मृतका के परिवार वाले गहरे सदमे में हैं। रुचि के पिता योगेंद्र सिंह ने हत्यारोपी तहसीलदार को कड़ी सजा दिलाकर ही दम लेने की बात कही है। सिपाही की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।
नजीबाबाद के गांव महावतपुर बिल्लौच निवासी किसान योगेंद्र सिंह की पुत्री 28 वर्षीय रुचि सिंह लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात थी। 13 फरवरी को रुचि सिंह घर से ड्यूटी के लिए निकली पर मुख्यालय नहीं पहुंची। लापता हो गई और उसका मोबाइल बंद आ रहा था। उसकी गुमशुदगी लखनऊ के सुशांत गोल्फी थाने में पुलिस विभाग की ओर से दर्ज कराई गई थी।
लापता रुचि सिंह का शव बृहस्पतिवार को पीजीआई स्थित माती नाले में मिला था। कॉल डिटेल के आधार पर प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज में तैनात तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव से प्रेम संबंध का मामला प्रकाश में आया। एमडीकेवी नजीबाबाद से उसने इंटर किया। वर्ष 2019 बेच की महिला सिपाही ने पुलिस में भर्ती के दौरान परिजनों की मर्जी के बगैर सिपाही नीरज से प्रेम विवाह किया। विवाह के बाद से ही रुचि के पिता योगेंद्र चौहान और परिजनों ने उससे संबंध रखना बंद कर दिया था।
लखनऊ पुलिस मुख्यालय से रुचि की मौत की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। रुचि का छोटा भाई शुभम ने लखनऊ पहुंचकर उसका पोस्टमार्टम कराया। रुचि के पिता योगेंद्र, माता रानी देवी, अपनी बेटी की हत्या से दुखी हैं। पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह और ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। पिता योगेंद्र सिंह का कहना है कि बेटी को प्रेमजाल में फंसा कर उसकी हत्या कराने वाले तहसीलदार पदमेश और हत्या में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दिलाकर ही उन्हें शांति मिलेगी। देर रात तक रुचि सिंह का शव गांव पहुंचने की संभावना है। परिजनों के अनुसार प्रात: अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रुचि सिंह का सिपाही पति से चल रहा था विवाद
मृतका महिला सिपाही रुचि सिंह का अपने पति सिपाही नीरज सिंह से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि फेसबुक से रुचि सिंह की तहसीलदार पदमेश से परिचय के साथ प्रेम संबंध हो गए। शव लेने लखनऊ पहुंचे रुचि के भाई शुभम ने बताया कि आरोपी तहसीलदार को कॉल डिटेल के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।