दरअसल साइबर क्राइम मुख्यालय ने इस तरह के मामलों को तत्काल रजिस्टर करने या 1930 नंबर पर फोन करने को लेकर जमकर प्रचार प्रसार किया है। इसमें शिकायत जितनी जल्दी दर्ज की जाएगी पैसे की रिकवरी की संभावना उतनी अधिक बनी रहेगी।
दूसरे शब्दों में कहें तो पैसा अगर खाते से कटकर खाते में गया है और उसे निकाला नहीं गया है तो वह पैसा वापस मिलने की संभावना बनी रहती है। लेकिन पैसा आपके खाते से जिस खाते में गया वहां से फौरन कैश निकाल लिया गया तो पैसे वापस मिलना ना मुमकिन हो जाता है।
साइबर अपराध रोकने के लिए साइबर अपराध शाखा को तरह-तरह के संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। साइबर ठग भी अब इस बात का खास ख्याल रखने लगे हैं। यही वजह से कि बीते एक-सवा साल में लगभग 180 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। लेकिन रिकवरी रेट 6 से 7 प्रतिशत ही है।