लखनऊ के राजाजीपुरम में लेनदेन के विवाद में अनुज पांडेय को शुक्रवार सुबह गोली से उड़ाने वाले हिमांशु दीक्षित की भी चिता रविवार शाम गुलाला घाट पर जली। दूसरे आरोपी को ऐशबाग कब्रिस्तान में दफनाया गया। दो दिन से बिलख रही अनुज की पत्नी बोली कि उसका सुहाग उजाड़ने वालों को ईश्वर ने 24 घंटे में ही दंड दे दिया।
बहराइच के कैसरगंज इलाके में शनिवार को सड़क हादसे का शिकार बने हिमांशु दीक्षित व शादाब आलम के शव रविवार को राजधानी पहुंचे। शादाब का शव उसके पिता शब्बीर व परिवार के अन्य लोग मकबूलगंज स्थित ननिहाल ले गए, जबकि हिमांशु का शव राजाजीपुरम के सेक्टर-12 स्थित उसके घर लाया गया। घर पर खासी भीड़ थी।
बेटे की मौत पर बिलख रही माधुरी को महिलाएं संभाले थी। शोक संवेदना व्यक्त कर रहे लोग उसके पिता राधेश्याम व भाई हेमंत और अमन को ढांढस बंधा रहे थे। शादाब का शव ऐशबाग कब्रिस्तान में दफनाया गया।
हिमांशु की चिता गुलाला घाट पर जली। अंतिम संस्कार में कई लोग ऐसे थे जो 48 घंटे पहले अनुज की अंत्येष्टि में शामिल हुए थे। कुछ दूर पड़ी राख की तरफ इशारा करके साथ आए लोगों को दोनों की दोस्ती और हत्या की जानकारी दे रहे थे।