अनामिका ने बताया कि मीटर की एक साल की सवा लाख यूनिट रीडिंग निकाल कर बिल बना दिया गया। घर पर चेक मीटर लगा कर उसे उतार भी लिया, मगर बिल संशोधित नहीं किया। जितेंद्र व हबीब ने वसूली रकम की रसीद भी नहीं दी और बिल संशोधन के लिए और रकम मांग रहे थे।
बिल संशोधित करने के कार्यालय पहुंचीं तो बत्ती भी काट दी गई। 50 हजार रुपये बिल मद में जमा भी किए पर कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।