शुभम ने बताया कि 22 अक्तूबर को ही दीदी घर आईं थीं और जन्मदिन पर कपड़ों के साथ ही अन्य गिफ्ट की फरमाइश की थी। दीपावली के साथ ही घर में श्रद्धा के जन्मदिन की भी तैयारियां हो रही थीं मगर शनिवार सुबह एक फोन कॉल से सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। पता चला कि अयोध्या में श्रद्धा का शव उनके किराए के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। बेटी की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन राजकुमार, उनकी पत्नी सुनीता, पुत्र शुभम व संकेत अयोध्या रवाना हो गए।
विवेक की हरकतों से टूटा रिश्ता
शुभम गुप्ता ने बताया कि करीब एक साल पहले उनकी बहन श्रद्धा की शादी बलरामपुर के उतरौला निवासी विवेक गुप्ता से तय हुई थी। चिनहट इलाके में बीबीडी के पास दयाल रेजीडेंसी में रहने वाला विवेक उस वक्त लखनऊ स्थित एचसीएल में नौकरी करता था। शुभम का आरोप है कि विवेक की हरकतें खराब थीं। कई युवतियों से उसकी दोस्ती थी, जिनका उसके घर पर भी आना-जाना था। कुछ और बातें पता चलने पर विवेक से श्रद्धा की शादी तोड़ दी गई थी। मगर वो श्रद्धा को परेशान कर रहा था।