लखनऊ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बीटेक छात्र समेत तीन लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस मामलों की जांच कर रही है। एसओ सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि, मूलरुप से बनी बंथरा निवासी किसान राम आसरे का इकलौता बेटा प्रत्यूष कश्यप उर्फ गोलू (19) मां रामरानी व तीन बहनों संग विकासनगर सेक्टर तीन में रहता था।
वह फैजाबाद रोड़ स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते उसने कॉलेज जाना बंद कर दिया था। प्रत्यूष निजी कंपनी में काम करने के लिए बाइक खरीदने के लिए दबाव डाल रहा था। इस पर पिता ने तंगी का हवाला देकर बाइक खरीदने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर सोमवार सुबह कमरे में फांसी लगा ली। इसका पता चलते ही उसे उतारकर निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं इंस्पेक्टर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि, लवकुश नगर निवासी राजू नगर निगम में संविदा पर सफाईकर्मी है। सोमवार सुबह पत्नी व दोनों बेटों संग काम पर गया था। इस दौरान बेटी रचना (17) घर पर अकेली थी। दोपहर में जब सभी काम से लौटे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। शक होने पर दरवाजा तोड़ा तो रचना का शव फंदे से लटकता मिला। बकौल पुलिस रचना इंटर करने के बाद घर पर ही रहती थी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नही है। मामले की जांच की जा रही है।