डॉक्टर के मुताबिक, बातचीत के दौरान कृषा ने कहा कि उसने सात लाख यूएस डॉलर का सोना दक्षिण अफ्रीका से खरीदा है। उसे लखनऊ के पते पर दक्षिण अफ्रीका के रॉयल सिक्योरिटी कोरियर कंपनी से भेजना है। वहां पर सोमालियन पैरेट्स का डर होने से सभी लोग अपने कीमती सामान शिप से हटा रहे हैं। उसके बाद रॉयल सिक्योरिटी कंपनी से मेरे पास व्हाट्सएप पर चैटिंग और मैसेज व ईमेल के जरिए बातचीत होने लगी।
इस दौरान अलग-अलग मदों में (परमिशन फीस, कस्टम ड्यूटी का भुगतान, एफटीसीएल का लाइसेंस, फारेन नेशनल को ट्रेडिंग लाइसेंस) अलग-अलग खातों में रुपये जमा कराए गए। यह सभी रुपये भारत के बैंक खातों में जमा कराए गए। जालसाजों ने धीरे-धीरे कर 1.80 करोड़ रुपये हड़प लिए।
इसके बाद कृषा शर्मा व अन्य आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आने लगे। पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने कृषा शर्मा, कोरियर कंपनी के जुलु व आरन सहित कई बैंक अधिकारियों की साजिश होने की बात कहते हुए तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना मो. मुस्लिम खान के मुताबिक, पीड़ित चिकित्सक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।