बिजनौर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक युवक का शव संदिग्ध हालात में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक के परिजनों ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर पर जुआ खेलने के विरोध पर पीटने और पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारकर फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दो पक्षों में विवाद के बाद आत्महत्या की बात कही है मगर पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बिजनौर थाना क्षेत्र के परवर पश्चिम गांव निवासी राकेश द्विवेदी के पुत्र शोभित (21) का शव शनिवार रात उनके बंद पड़े घर की चौखट पर फांसी के फंदे से लटका मिला था। उसके दोनों पैर जमीन से छू रहे थे। शोभित के परिजनों का आरोप है कि होली के दिन गांव के ही लोधन टोला में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर गजोधर और उसके भतीजे अमित व अरविंद उनके खाली घर में जुआ खेल रहे थे। शोभित के विरोध करने पर इन लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की थी। बीच-बचाव करने पहुंची शोभित की बहन राधा और सोनल को भी आरोपियों ने पीटा था। राधा की सोने की चेन भी लूट ली थी। परिजनों का आरोप है कि मामले में पुलिस से शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि शोभित के खुदकुशी करने की कोई वजह ही नहीं है। फंदे पर लटके मिले शोभित के दोनों पैर जमीन पर छू रहे थे। इससे स्पष्ट है कि उसकी हत्या कर वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
बिजनौर इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि होली के दिन दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसमें आरोपियों ने शोभित की पिटाई की थी, जिससे क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी की है। उसके पिता की तहरीर पर गांव के ही अमित, वीरेंद्र, रामगोपाल, अरविंद, गजोधर, गुड्डी, उमा समेत नौ लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी रामचंद्र, गजोधर, वीरेंद्र और गुड्डी को गिरफ्तार कर लिया गया है अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।