इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने रिकवरी के लिए टीम लगाई। इस पर शकील ने रसूख दिखाते हुए अधिकारियों को धमकी दी। इसके चलते वसूली नहीं हो सकी। इस बीच में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज कर दिया गया। इसके बाद मामले की जांच पीएनबी के अधिकारियों द्वारा की जाने लगी। वहीं, कुछ पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की। इस पर वजीरगंज थाने में चार मुकदमे दर्ज कर लिए गए।
कई जमीनों को रखा था गिरवी
प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज धनंजय पांडेय के मुताबिक, औरया के इकौरापुर निवासी राजकुमार एसआई है। उन्होंने बरावनकला ठाकुरगंज में 1500 वर्गफीट जमीन खरीदी। निर्माण के लिए उन्होंने एलआईसी से 22 लाख रुपये का लोन कराया। पड़ताल में पता चला कि जमीन को अमीनाबाद के तत्कालीन यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया अब पंजाब नेशनल बैंक में 2014 में ही गिरवी रखा गया था।
यह जमीन हिंद कंक्रीट प्रोडक्ट प्रा. लि. के नाम से बंधक रखी गई है। उधर, हसनगंज के खदरा निवासी देवेंद्र के मुताबिक अपने भाई के साथ ठाकुरगंज में ही एक-एक हजार के दो प्लाट लिए थे। रजिस्ट्री कार्यालय से जानकारी मिली कि पंजाब नेशनल बैंक (यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया) में शकील की कंपनी के नाम से ही प्लॉट गिरवी रखे गए हैं।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मानसनगर के आकाश श्रीवास्तव ने अपनी बहन के साथ बरावनकला में जमीन ली थी। बाद में पता चला कि यह जमीन भी शकील ने लोन के लिए बंधक रखी है। इसी तरह का मामला वृंदावन कॉलोनी निवासी वीरेंद्र कुमार शर्मा का भी है। उनकी भी बरावनकला की 2691 वर्गफीट जमीन को शकील ने बैंक में गिरवी रखा है। चारों ने वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोप है कि शकील व उसके अन्य साथियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर इन जमीनों को बैंक में गिरवी रखा। इसके बाद अपने प्रॉपर्टी डीलर साथी के सहयोग से बेच दी। वीरेंद्र के मुताबिक, शकील ने उनकी जमीन पर 36.54 करोड़ रुपये का लोन कराया था।
इसके लिए उनके जमीन के आसपास की भी प्रॉपटी गिरवी रखी है। प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेज की जांच के लिए रजिस्ट्री कार्यालय को पत्र भेजा गया है। दस्तावेज मिलने के बाद उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।