यादव सिंह के काले कारनामों का चिट्ठा हाईकोर्ट तक पहुंच गया। इस मामले पर अखिलेश सरकार की खामोशी का ही नतीजा है कि हाईकोर्ट को जवाब मांगना पड़ा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यादव सिंह से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में अखिलेश सरकार से जवाब तलब किया।
कोर्ट ने राज्य के प्रमुख सचिव, गृह से पूछा कि यादव सिंह का करोड़ों का घोटाला उजागर हो जाने के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए।
कोर्ट ने सरकारी दामाद के नाम से पहचाने जाने वाले नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह को पक्षकार बनाए जाने की भी मंजूरी दे दी। मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत, चंद्रचूड़ और जस्टिस मनोज मिश्र की खंडपीठ ने ये आदेश दिया।