बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को लखनऊ की एमपीएमएलए कोर्ट में पेश न किए जाने पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने शुक्रवार को कड़ा रुख अख्तियार किया।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुख्तार अंसारी को 29 सितंबर को अदालत में पेश करें।
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में लखनऊ के जेलर ने मुख्तार व अन्य लोगों के खिलाफ आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इसमें बताया गया था जेल में मुख्तार से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
मुख्तार ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए पिस्तौल तान दी थी। इसी मामले में एमपीएमएलए कोर्ट मुख्तार समेत अन्य आरोपियों को आरोप तय करने के लिए तलब कर रही है।
वर्तमान में मुख्तार बांदा जेल में निरुद्ध हैं और उनके अदालत नहीं आने से आरोप तय नहीं हो पा रहे हैं।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि 17 अगस्त को मुख्तार के अदालत में हाजिर न होने के कारण उनकी पत्रावली अलग करके अन्य आरोपियों लालजी यादव, कल्लू पंडित, आलम और यूसुफ के खिलाफ आरोप तय किया गया था।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह अगली तारीख पर अभियुक्त मुख्तार अंसारी को कोर्ट में उपस्थित करा देंगे।
इसके बावजूद कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित कराने के लिए मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, पुलिस आयुक्त लखनऊ, अतिरिक्त महानिदेशक कारागार व वरिष्ठ अधीक्षक जिला जेल बांदा से भी इस संबंध में दोबारा 29 सितंबर के लिए आख्या तलब की है।