इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद बीटेक के छात्र को एकेटीयू की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ जेल अधीक्षक को आदेश दिया कि परीक्षा में पुलिस अभिरक्षा में छात्र को शामिल कराएं। परीक्षा के तुरंत बाद छात्र को वापस जेल भेजा जाएगा।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव-प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश छात्र गंगा प्रसाद पांडेय की तरफ से उसके भाई के जरिये दायर याचिका पर दिया। याची का कहना था कि एकेटीयू में उसके भाई की बीटेक फाइनल इयर की परीक्षा 7 से 11 जून को होनी है, जबकि सरोजनी नगर थाने से संबंधित दुष्कर्म आदि के आरोपों के मामले में वह लखनऊ जेल में बंद है। ऐसे में उसे परीक्षा केंद्र आजाद इंस्टीट्यूट में शामिल होने की इजाजत देने की गुजारिश की गई।
कोर्ट ने छात्र के कॅरिअर के मद्देनजर उक्त आदेश देकर याचिका निस्तारित कर दी। साथ ही सरकारी वकील को निर्देश दिया कि इस आदेश को पालन के लिए पुलिस आयुक्त व जेल अधीक्षक को भेजें।