डॉ. नेहा आनंद व अर्चना सिंह।
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बोधी ट्री इंडिया की मनोवैज्ञानिक डॉ. नेहा आनंद का कहना है कि शादी या किसी भी रिश्ते की सफलता के लिए इमोशनली इंटेलीजेंट होना बहुत जरूरी है। ये सच है कि लोगों में आपसी मतभेद बढ़े हैं। मेरे खुद के पास आने वाले मामलों में 50 फीसदी केस पति-पत्नी के बीच बढ़ते क्लेश के होते हैं, लेकिन रिश्ते सुधारने की पहले भी उन्हीं की तरफ से हो रही है, ये अच्छी बात है। ज्यादातर मामलों में दंपती खुद ही आ रहे हैं। यह संकेत इस बात का भी है कि वे एक दूसरे का महत्व समझ रहे हैं, परिवार की महत्ता को स्वीकार करते हैं। सिर्फ अहम का टकराव उनके झगड़े का कारण बन रहा है।
संवाद को स्वीकार करने की प्रवृत्ति नई
181 वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर अर्चना सिंह कहती हैं कि छह महीने में करीब 735 मामले पारिवारिक विवाद के आए हैं। इनमें से करीब 450 केस का समाधान हो चुका है। कुल मामलों में 30 फीसदी आवेदन ऐसे हैं जिन्होंने आरोप-प्रत्यारोप से दूर जाकर काउंसिलिंग की इच्छा जताई है। काउंसिलिंग के छह सेशन होते हैं, इनमें हर बार नई चीज सामने आती है, जो समाधान में मददगार साबित होती है। छह महीने में झगड़ों को आपसी संवाद से निपटाने के लिए काउंसिलिंग की पहल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। यह नया ट्रेंड अच्छे नतीजे का संकेत दे रहा है।