गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली का भार डालने की तैयारी है।
पावर कार्पोरेशन वर्ष 2014-15 के लिए प्रस्तावित बिजली दर बीपीएल शहरी उपभोक्ताओं के स्लैब में बदलाव कर लगभग 75 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है।
प्रदेश के लगभग 10 लाख शहरी गरीब उपभोक्ता जो एक किलोवाट व 150 यूनिट की परिधि में आते हैं उनपर ये बोझ पड़ेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि 14 मार्च 2013 को राज्य सरकार ने जिस वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) को राज्य कैबिनेट से मंजूरी दी।
उसमें बिजली क्षेत्र के सभी मानकों पर रिपोर्ट प्रस्तावित कर अनुमोदन लिया गया।
इसमें बीपीएल लाइफ लाइन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रस्तावित दरें चौंकाने वाली हैं।
एफआरपी की शर्तों में वित्तीय वर्ष 2013 से लेकर 2024 तक अलग-अलग श्रेणीवार उपभोक्ताओं को कंपनियों से बिजली बेचने का प्रस्ताव से इसका खुलासा हो रहा है।