लखनऊ नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग में जिनका काम सीढ़ी उठाना है, वे नेता बनकर दोनों हाथों से मलाई काट रहे हैं। ये काम तो कुछ नहीं करते मगर ऊपरी कमाई के लिए इन्हें अलग-अलग दो तरह के काम दे दिए गए।
इसी तरह जिनका काम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का है, वे मंत्री की पहुंच दिखाकर स्टोर प्रभारी और बाबू का काम देख रहे हैं। ऐसे में अब विभाग के मुखिया पर सवाल उठ रहे हैं। यह हाल तब है जब विभाग में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार लगातार कड़े आदेश दे रही है।
जानकारों का कहना है कि नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग में पोर्टर (सीढ़ी उठाने वाला) पद पर नियुक्त प्रदीप वाजपेयी को सुपरवाइजर के तौर पर दो वार्ड आवंटित किए गए हैं। वार्डों में मार्ग प्रकाश के बिंदुओं की मरम्मत, वार्डों में कितना समान लगेगा, यह सब प्रदीप ही तय करते हैं।
मुख्य अभियंता ने चार दिन पहले इन्हें अमीनाबाद भूमिगत पार्किंग में जनरेटर संचालन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दे दी। बता दें कि जनरेटर संचालन को रोजाना 50 लीटर से अधिक डीजल दिया जाता है। विभाग में बड़े पैमाने पर डीजल में घालमेल की शिकायतें आती रहती हैं। इसे रोकने को बिजली कटने के समय की हर सप्ताह रिपोर्ट देने का आदेश भी हुआ, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अंगूठा टेक बना रहे जन्म प्रमाण पत्र
- फोटो : डेमो
तैनाती मार्ग प्रकाश में, जिम्मेदारी स्टोर की
मार्ग प्रकाश विभाग में जाफर रजा चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात हैं, लेकिन इन्हें स्टोर की जिम्मेदारी दी गई है। अब प्रदेश सरकार में इनके समाज के मंत्री बन गए तो फिर जुगाड़ से उसी जगह फिट हो गए हैं।
अंगूठा टेक बना रहे जन्म प्रमाण पत्र
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन बनते हैं, लेकिन नगर निगम में कई ऐसे कर्मचारी इन्हें बना रहे हैं जो अंगूठा टेक हैं। चेन मैन, गैंग कुल पद के ये कर्मचारी फॉर्म दूसरों से भरवाते हैं और फिर उसे जमा करते हैं।
दूर करेंगे गड़बड़ियां
नियमों के विपरीत किसी ने कोई आदेश किया है तो वह गलत है। मार्ग प्रकाश विभाग के मुख्य अभियंता ने अपने स्तर पर विभागीय आदेश किया होगा। विभाग में जो भी गड़बड़ियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा। - इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त