वर्ष 2014-2015 की आशुलिपिक (सामान्य चयन) परीक्षा में अनियमितता बरतने पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्कालीन सचिव महेश प्रसाद समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी नूतन दीक्षित ने चयन न होने पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद पर शासन ने सतर्कता अधिष्ठान को मामले की जांच करने को कहा था।
जांच में सचिव महेश प्रसाद के अलावा तत्कालीन अनुभाग अधिकारी रामबाबू यादव, तत्कालीन प्रवर वर्ग सहायक अनिल कुमार, प्रवर वर्ग सहायक सतई प्रजापति और प्रवर वर्ग सहायक राजेंद्र प्रसाद पर अनियमितता व भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए।
इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी ने इनके खिलाफ विभूतिखंड थाने में केस दर्ज करा दिया है। मामले की विवेचना अधिष्ठान की तरफ से ही की जाएगी।