- यह भूल जाएं कि कोरोना का असर नौजवानों पर नहीं होगा।
- बाहर निकलते वक्त मास्क और फुल ड्रेस पहनकर जाएं।
- घर आते ही ठीक से साबुन-पानी से हाथ-मुंह धोएं।
- खान-पान दुरुस्त रखें। सुबह नींबू-पानी का सेवन करें।
- नशा न करें, क्योंकि इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है।
- भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
केजीएमयू की प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट के डॉ. डी हिमांशु का कहना है कि कोरोना वायरस का असर हर उम्र के लोगों पर हो सकता है। युवाओं में इससे मृत्युदर बेहद कम है, पर इनकी चपेट में आने की दर अधिक है। इसकी बड़ी वजह है कि वे निश्चिंत होकर भाग-दौड़ अधिक करते हैं। इससे वे संक्रमित होते हैं और दूसरों को भी वायरस दे देते हैं।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना की चपेट में आने वाले करीब 95 फीसदी लोग दो सप्ताह में बिना दवा के ठीक हो जाते है। हालांकि, इस बीच यदि वे किसी कमजोर इम्युनिटी वाले के संपर्क में आते हैं तो उसकी जान के लिए जोखिम बढ़ जाता है। अस्पताल में भर्ती होने वालों में करीब दो फीसदी को आईसीयू की जरूरत पड़ती है। इसमें एक फीसदी को वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ती है।
उम्र --मृत्युदर
0-9 साल --0 फीसदी
0-19 साल --0.2 फीसदी
20-29 साल --0.2 फीसदी
40- 49 साल --0.4 फीसदी
60-70 साल --3.8 फीसदी
70-79 साल --8 फीसदी
80 से अधिक --15 फीसदी