वह बताते हैं कि अभी तक जो पॉजिटिव केस सामने आए हैं, वे चुनिंदा हैं। यदि समूची कम्यूनिटी की जांच कराई जाए तो स्थिति सामने आ जाएगी। ऐसे में तरीका है कि लोग खान-पान सही रखें और दूसरों से खुद को बचाएं।
कोरोना का असर किसी व्यक्ति में ज्यादा तो किसी में कम होता है। यह तय नहीं है कि किसके लिए यह जानलेवा साबित होगा। ऐसे में क्वारंटीन के जरिये इसके प्रसार को रोका जा सकता है।
फैलने पर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज, किडनी, हार्ट सहित अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों में भी यह वायरस पहुंच जाएगा। ऐसे लोगों के लिए यह खतरा बन सकता है।