यूपी के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर।
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सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि उप्र सहकारिता बैंक आज बेहतर ढंग से काम कर रहा है। अब सहकारी बैंक विकास की राह पर चल पड़े हैं। 15 साल से घाटे में चल रहे सहकारी ग्राम विकास बैंक को 98 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। वह सोमवार को उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के मुख्यालय में डीसीबी कैडर अथॉरिटी कार्यालय, डाटा सेंटर, सभागार कक्ष, एप्लीकेशन अटेंडेंस ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारंभ कर रहे थे।
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक अब लगातार लाभ अर्जित कर रहा है। पिछले 5 सालों में बैंक का कुल व्यवसाय 12 हजार करोड़ से बढ़कर 22000 करोड़ रुपये हो गया हइै। 2 वर्षों में 13 नई शाखाओं को आधुनिक परिवेश में स्थापित किया गया है। 243 नई शाखाओं को सत्र में चालू करने की तैयारी है। इस समय 7500 सहकारी समितियां है। कोशिश यह है कि प्रदेश के हर गांव में एक एक सहकारी समिति खोली जाए।
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कुछ सालों पहले तक 16 सहकारी बैंकों का लाइसेंस निरस्त होने वाला था। न केवल उनको बहाल रखा गया बल्कि उनमें से 11 को घाटे से उबारा गया। अब पांच रह गए हैं उन्हें भी घाटे से बाहर निकाल लिया जाएगा। 32 प्रकार के नए काम पैक्स को दिए गए हैं। 8. 5 हजार करोड़ कृषि ऋण की कोऑपरेटिव बैंकों की भागीदारी है। ग्राम विकास बैंकों का एनपीए 96 प्रतिशत से घटकर 58 प्रतिशत रह गया है। भारतीय मानक ब्यूरो से उप्र कोआपरेटिव बैंक को सेवोत्तम प्रमाणपत्र मिलना इसी सफलता की कहानी है। इस मौके पर बैक सभापति तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव बीएल मीणा, प्रबंध निदेशक वीके मिश्र आदि मौजूद थे।
पहले एक ही परिवार का कब्जा रहता था
सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि कहा कि वर्ष 2017 से पहले कोऑपरेटिव सोसाइटी पर एक ही परिवार का कब्जा रहता था लेकिन अब इनके लिए सभी को जिम्मेदारी मिल रही है। इस चुनाव में इसी तरह से परिणाम आए हैं। अब विपक्ष मीटिंग कर रहा है। वे लोग इसमें शामिल हो रहे हैं जिनके मुंह में राम बगल में छुरी रहती है।