सड़क बनाने में अनियमितता बरतना ठेकेदार को महंगा पड़ा। मामला आलमनगर वार्ड के अर्जुन विहार कॉलोनी है। नगर आयुक्त के आदेश पर उसकी फर्म शीतला कंस्ट्रक्शन की 25 हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा गड़बड़ी मिली तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने बीते वर्ष 13 नवंबर को आलमनगर वार्ड का निरीक्षण कर सड़क निर्माण में अनियमितता पकड़ी थी।
सब-बेस(जीएसबी) के बाद इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाने का था। जबकि ठेकेदार द्वारा बिना जीएसबी तैयार किए ही पूर्व में पड़े बैलास्ट के ऊपर इंटरलॉकिंग ब्रिक्स बिछाई जा रही थी।
जेई रजनीश श्रीवास्तव को और एई त्रिभुवन सिंह एवं नगर अभियंता राजबीर सिंह को कार्यों का नियमित पर्यवेक्षण न किए जाने का दोषी पाया था।
तकरीबन 2 महीने बाद चीफ इंजीनियर ने जांच में ठेकेदार को दोषी पाया। वहीं, नगर आयुक्त ने नियमित पर्यवेक्षण न करने और कार्य में शिथिलता बरतने वाले एक्सईएन, एई और जेई को भविष्य में इस प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर निलंबन से लेकर अन्य विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।