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कोरोना किट खरीद में धांधली, नपे सोनभद्र के तत्कालीन डीपीआरओ

Fri, 18 Sep 2020 11:03 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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ग्राम पंचायतों के लिए कोरोना बचाव किट (पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर) खरीद में भ्रष्टाचार पर बृहस्पतिवार को सोनभद्र के तत्कालीन प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) धनंजय जायसवाल को निलंबित कर दिया गया। 
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यह कार्रवाई निदेशक पंचायतीराज किंजल सिंह ने किया। वर्तमान में जायसवाल सोनभद्र में ही अपर जिला पंचायत अधिकारी (एडीपीआरओ) हैं। 

निदेशक पंचायतीराज ने बताया कि बाजार दर से अधिक में कोरोना बचाव किट खरीदने के मामले में सोनभद्र के तत्कालीन तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत व डीपीआरओ धनंजय जायसवाल के खिलाफ संयुक्त निदेशक पंचायत, विंध्यांचल मंडल मिर्जापुर ने जांच आख्या उपलब्ध कराई है। 

जायसवाल ने एडीओ पंचायत के जरिये दबाव बनवाकर 311 ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद कराकर भुगतान करा दिया। इनमें 294 ग्राम पंचायतों से 6,000 रुपये से की दर और 7 ग्राम पंचायतों में 6 हजार से अधिक दर पर पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद कराई। 
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10 ग्राम पंचायतों में यह दर 6 हजार रुपये से कम था। जबकि शासन ने पल्स ऑक्सीमीटर व आईआर थर्मामीटर अधिकतम 2800 रुपये में खरीदने की सलाह दी गई थी। इसलिए जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।  

राजपत्रित अधिकारी न होने के बाद जारी की वित्तीय स्वीकृतियां
धनंजय जायसवाल पर यह भी आरोप है कि राजपत्रित अधिकारी न रहते हुए भी सोनभद्र में अपने कार्यकाल में ग्राम पंचायतों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी कीं।

निलंबन की अवधि में जायसवाल को मंडलीय उपनिदेशक (पंचायत) विंध्यांचल मंडल से संबद्ध किया गया है। उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए उपनिदेशक पंचायतीराज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें दो माह जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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