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पुलिसवाला भेष बदलकर नौकरी मांगने पहुंचा, खुला ठगी का जाल

Wed, 21 Sep 2016 09:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पुल‌िस की ग‌िरफ्त में ठग - फोटो : amar ujala
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एनजीओ की आड़ में सरकारी नौकर‌ी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी करने वाले ‘साधु शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था’ के संचालक समेत चार जालसाजों को क्राइम ब्रांच व गाजीपुर थाना पुलिस की टीम ने दबोचा है। 
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इस एनजीओ के दफ्तर से सचिवालय, पंजाब नेशनल बैंक, खाद्य एवं रसद विभाग जैसे महकमों में नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र, जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। फरार मास्टर माइंड की तलाश की जा रही है। 

एएसपी क्राइम डॉ संजय कुमार ने बताया कि टीम ने साधु शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था नामक एनजीओ के ऑफिस पर छापा मारकर बहराइच के मोहल्ला मीरा खेलपुरा छाया कुआं निवासी राहुल मिश्रा, बहराइच के ही राजा बौड़ी थाने के केलागांव निवासी नीतिश मिश्रा, हरदी थाने के विद्यापुरवा निवासी रजनीश कुमार और आशियाना के सेक्टर-एल निवासी तेज प्रताप उर्फ टीपी सिंह को गिरफ्तार किया है।
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जालसाजों के कब्जे से पंजाब नेशनल बैंक की हलवासिया शाखा में नौकरी के 50 नियुक्ति पत्र, खाद्य एवं रसद विभाग में जिला को-ऑर्डिनेटर व सुपरवाइजर के नियुक्ति व प्रशिक्षण पत्र, ढेर सारी सैंपल किट, फर्जी मुहरें, लैपटॉप, कंप्यूटर सेट समेत बड़ी संख्या में जाली दस्तावेज, बेरोजगारों से ठगे 96 हजार रुपये बरामद हुआ। 
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सैलरी मांगी तो मिली धमकी

इस घर में रहकर ब‌िछाया ठगी का जाल - फोटो : amar ujala
ठगी से कमाई रकम से खरीदी कार, बाइक भी कब्जे में ली गई है। नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार बने लखनऊ के ठाकुरगंज के पक्का बाग निवासी अरविंद कुमार श्रीवास्तव समेत 35 युवकों ने एसएसपी मंजिल सैनी से गुहार लगाई थी। 

उन्हें बताया कि एनजीओ का संचालक राहुल मिश्रा, मनीष मिश्रा व उसके साथियों ने खाद्य एवं रसद विभाग में सैंपलिंग के काम के लिए जिला को-आर्डिनेटर और सुपरवाइजर की नौकरी दी थी। कहा गया था कि जिला को-आर्डिनेटर को 13.5 हजार और सुपरवाइजर को 83 सौ रुपये महीने वेतन के साथ टीए-डीए मिलेगा। 

संचालकों ने 65 हजार में जिला को-आर्डिनेटर और 35 हजार में सुपरवाइजर की नौकरी की बात कही। रकम लेकर प्रशिक्षण पत्र व नियुक्तिपत्र जारी किए। हजरतगंज स्थित खाद्य एवं रसद निदेशालय में प्रशिक्षण देने के साथ किट उपलब्ध कराई। 

तीन महीने बाद भी वेतन नहीं दिया। अपनी रकम का तगादा करने पर धमकी देने लगे। युवकों ने एसएसपी को बताया कि अन्य विभागों में नौकरी के नाम पर करीब ढाई सौ लोगों से लाखों की ठगी की है।  

एसएसपी ने क्राइम ब्रांच व गाजीपुर थाने की संयुक्त टीम को कार्रवाई के आदेश दिए। क्राइम ब्रांच का कांस्टेबल मोहित सिंह नौकरी मांगने के बहाने जायजा लेने पहुंचा। केबिन में बैठे राहुल मिश्रा, नीतिश  मिश्रा व रजनीश कुमार ने काफी देर इंतजार कराने के बाद बुलाया।
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पुलिस के सामने बताए रेट

सैंपल क‌िट - फोटो : amar ujala
विभिन्न विभागों में नौकरी की जानकारी देने के साथ रेट बताने शुरू किए। जायजा लेकर मोहित ने कॉल की। इंस्पेक्टर गाजीपुर नागेंद्र चौबे, सर्विलांस सेल प्रभारी अक्षय कुमार, क्राइम ब्रांच के एसआई रमेश सिंह रावत, उदय प्रताप सिंह, भृगुनाथ ओझा, एचसीपी अमरेश त्रिपाठी, कांस्टेबल लवकुश मिश्रा, प्रमोद पांडेय, गोविंद, सुदीप कटियार, सरताज व गाजीपुर थाने के एसआई वेदप्रकाश शुक्ला, कांस्टेबल भरत यादव और करतार सिंह की टीम ने छापा मार दिया। 

चारों जालसाजों को पकड़ने के साथ पुलिस ने छानबीन शुरू की। तीन कमरों में चल रहे ऑफिस का स्टोर सैंपल किटों से भरा था। अलमारी व मेज की दराजों में जाली दस्तावेज ठूंसे थे। सैकड़ों बेरोजगारों के आवेदनपत्र, विभिन्न विभागों में नियुक्तिपत्र, प्रशिक्षण पत्र व अन्य दस्तावेज थाने ले जाने के लिए भारवाहन मंगाना पड़ा।

हत्थे चढ़े राहुल मिश्रा ने कुबूला कि बहराइच के ही मनीष मिश्रा की मदद से उसने नौकरी के नाम पर ठगी शुरू की थी। नीतिश, राहुल व टीपी सिंह की मदद से विभिन्न जिलों में नेटवर्क फैलाया। आवेदकों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें बड़े अफसरों के पत्र दिखाते थे। 

सैंपल किट वितरित करके जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन देते। जाल में फंसा युवक अपने करीबी लोगों को नौकरी की जानकारी देता तो वह भी संपर्क करते थे। इस तरह नौकरी मांगने वालों की भीड़ लगने लगी थी। 
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